Home Uttarakhand Dehradun योजनाओं का धरातल पर दिखाई देना नितान्त जरूरी : मुख्यमंत्री

योजनाओं का धरातल पर दिखाई देना नितान्त जरूरी : मुख्यमंत्री

Plans must be visible on the ground
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते सीएम।

Plans must be visible on the ground

अधिकारियों को दिये योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष ध्यान देने के निर्देश

देहरादून। Plans must be visible on the ground मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में जनपद पौड़ी की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिये की गयी घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विधानसभावार घोषणाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि विभागीय अधिकारी समीक्षा बैठकों में योजनाओं की पूरी जानकारी के साथ शामिल हों।

जन अपेक्षाओं की पूर्ति के लिये योजनाओं का धरातल पर दिखाई देना नितान्त जरूरी है अतः योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति विशेष ध्यान दिया जाय। मुख्यमंत्री ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु होने के साथ ही यात्रा मार्ग का भी प्रमुख स्थल है।

उन्होंने श्रीनगर को नगर महापालिका बनाये जाने के सम्बन्ध में इससे सम्बन्धित सभी पहलुओं का अध्ययन, समीक्षा तथा व्यापक विमर्श के पश्चात शीघ्र कोई युक्ति संगत निर्णय लिये जाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में पार्किंग एवं आडिटोरियम पैठाणी एवं चौबट्टा में टैक्सी स्टेण्ड के निर्माण, एन.आई.टी के लिये पेयजल की उपलब्धता एवं बाह्य सड़कों के निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर खिर्सू पौड़ी पर्यटन सर्किट में इस क्षेत्र के कमलेश्वर, धारी देवी, देवलगढ़, कण्डोलिया एवं क्यूंकालेश्वर मंदिरों को भी शामिल किये जाने पर सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने यमकेश्वर विधानसभा के अन्तर्गत जुलेड़ी ग्राम पंचायत पेयजल योजना एवं कड़थी कोठार पंपिंग पेयजल योजना, बागीवाड़ी में नलकूप निर्माण, नीलकंठ में पार्किंग निर्माण तथा रा.इ.कालेज देवीखेत के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की।

प्लेन नदी एवं मंदाल नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों की स्वीकृति प्रदान की

उन्होंने लैंसडाउन स्थित सकमुण्डा में कृत्रिम झील निर्माण, रिखणी खाल के अन्दर गांव में मिनी स्टेडियम निर्माण, चौबड़ पंपिंग योजना, रिखणी खाल में पंपिंग पेयजल योजना, दुगड्डा एवं रामीसेरा में प्लेन नदी एवं मंदाल नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों की स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने महावीर चक्र विजेता जसवंत सिंह रावत के नाम पर उनके पैतृक गांव में भव्य शहीद स्मारक एवं खेल मैदान के लिये अविलम्ब भूमि चयन कर निर्माण कार्य आरम्भ करने को कहा।

उन्होंने पौड़ी के कोट ब्लाक स्थित फलस्वाड़ी स्थित सीता माता मंदिर के विकास के साथ ही देवप्रयाग स्थिति रघुनाथ मंदिर विदाकोटी, लक्ष्मण मंदिर को धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की कार्य योजना भी तैयार करने के निर्देश दिये।

नयार घाटी में पेराग्लाइड प्रशिक्षण केन्द्र के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही पौड़ी सर्किट हाउस को राज्य सम्पत्ति विभाग को स्थानांतरित करने तथा पुराने कल्क्ट्रेट भवन को हेरिटेज भवन के रूप में विकसित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टा खाल के अंतर्गत एकेश्वर के गुराड़ गांव में तीलू रौतेली संग्रहालय, खेरासेण में पर्यटक परिसर एवं सामुदायिक बारात घर, सिलेत में खेल मैदान के निर्माण में भी तेजी लाने को कहा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिये सड़कों, पुलों एवं सम्पर्क मार्गों, पेयजल योजनाओं आदि की स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में बताया गया कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिये की गई कुल 39 घोषणाओं में से 27, यमकेश्वर के लिये 32 में से 23, लैंसडाउन के लिये 35 में से 23, पौड़ी के लिये 44 में से 30, कोटद्वार की 22 में से 19 तथा चैबट्टा खाल के लिये की गई 30 घोषणाओं में से 17 पूरी हो चुकी है तथा शेष में कार्यवाही गतिमान है।

बैठक में उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक दिलीप सिंह रावत, मुकेश कोली, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सुशील कुमार, एस.ए. मुरूगेशन, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ. पराग मधुकर धकाते, विधायक प्रतिनिधि चौबट्टा खाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। विधायक श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी एवं जिलाधिकारी पौड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल रहे।

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