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भारत की एक ऐसी जगह जहाँ पूजे जाते है इंसान

Puja
भारत की एक ऐसी जगह जहाँ इंसान की होती है Puja
हिना आज़मी

दोस्तों, हमारी आस्था के प्रतीक हैं भगवान की मूर्तियां, जिनकी हम Puja करते हैं। हर व्यक्ति किसी न किसी भगवान, अल्लाह, जीसस और वाहेगुरु का उपासक होता है। मन में श्रद्धा लेकर इनकी पूजा करता है , लेकिन क्या आपने कभी सोचा होगा या सुना होगा कि कभी कही  इंसान की पूजा भी की जा सकती है? जी हां दोस्तों, वह जगह हमारे देश में ही स्थित है, जहां यह काम किया जाता है ।

ऐसा राज्य जहां इतने धार्मिक स्थल होने के बावजूद भी पूजा की जाती है इंसानों की। यह राज्य अपने स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है उसका नाम है सिक्किम। सिक्किम भारत के पूर्वोत्तर में स्थित है ,जिसका अलग रहन-सहन और अलग ही कल्चर है। आज हम आपसे सिक्किम से जुड़ी कुछ रोचक तथ्यों को साझा कर रहे हैं जिससे आप शायद पहले परिचित नहीं थे।

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पूरे भारत वर्ष में सिक्किम राज्य को प्राकृतिक सुंदरता के लिए समृद्ध माना गया है। ऊंची -ऊंची चोटियों, हरे-भरे पेड़-पौधे, पक्षियों की चहचाहट कितना सुकून देते हैं, मानो यहां स्वर्ग उतर आया हो। इस राज्य में 600 प्रकार के फूल और 240 प्रकार के वृक्ष पाए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष यहां मार्च से मई की अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय पुष्प महोत्सव मनाया जाता है। यहां प्रत्येक नागरिक का मानना है कि सफाई की जिम्मेदारी उनकी खुद की है। सिक्किम राज्य को भारत सरकार द्वारा सन 2010-11 में सबसे स्वच्छ राज्य का वर्णन मिला।

इंसान की Puja की प्रथा

baba harbhajan singh mandir

सिक्किम प्रदेश में हजारों-लाखों मंदिर-मठों के स्थित होने के बावजूद भी यहां इंसान की पूजा की जाती है। इस राज्य में एक मंदिर है जहां बाबा हरभजन पूजे जाते हैं। बाबा हरभजन वहां नाथूला के हीरो के नाम से जाने जाते हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना चीनी सैनिकों को रोककर कई सिपाहियों को बचाया था।




सिक्किम पहाड़ी क्षेत्र होने तथा हरियाली होने की वजह से यहां वर्ष भर ठंड रहती है। गर्मियों के लिए यह अच्छी बात है लेकिन ठंडी में परेशानी हो जाती है, इससे निपटने के लिए भी यहां जुगाड़ है, इस राज्य में गर्म पानी के स्रोत बहुत पाए जाते हैं, लोग इन में नहाकर आरामदायक महसूस करते हैं।

पक्षियों का स्वर्ग

यहां पक्षी अपनी आजादी के साथ उमंग भरी उड़ान भरकर विचरण करते हैं, इसलिए यह पक्षियों का स्वर्ग भी है| यहां पक्षियों की 552 प्रजातियां तथा कीट पतंगों की 690 प्रजातियां पाई जाती हैं।

धार्मिक स्थलों की व्यवस्था के लिए अलग मंत्रालय





सिक्किम ही केवल एक ऐसा राज्य है जहां सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों के की देखभाल के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया गया है। यह  मंत्रालय लगभग 200 धार्मिक स्थल पर निगरानी रखता है।

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