कृषि क्षेत्र में डिजिटल भुगतान आधारित अनुदान वितरण प्रक्रिया का शुभारंभ

Digital Payment-Based Subsidy Distribution Process

देहरादून। Digital Payment-Based Subsidy Distribution Process उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज सोमवार को अपने कैम्प कार्यालय से डिजिटल भुगतान आधारित अनुदान वितरण प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। यह पहल नाबार्ड की पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के माध्यम से शुरू की गई, जिसे किसानों के हित में एक पारदर्शी और सुरक्षित कदम माना जा रहा है।

उक्त कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने प्रतीकात्मक रूप से किसानों के खातों में डिजिटल माध्यम से अनुदान राशि स्थानांतरित कर इस नई व्यवस्था की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, और यह डिजिटल पहल उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।

उन्होंने जानकारी दी कि उद्यान विभाग द्वारा नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस निर्माण योजना में अब डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत किसान “अपुणि सरकार” पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की जांच और स्थल सत्यापन के बाद पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे, जिससे अनुदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहेगी।

योजना के तहत 50 से 100 वर्गमीटर के पॉलीहाउस निर्माण पर किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए लगभग 304 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिल चुकी है। अनुदान राशि तीन चरणों में दी जाएगी और निर्माण कार्य पूरा होने तथा सत्यापन के बाद ही संबंधित फर्म या कंपनी को भुगतान किया जाएगा, जिससे धन के दुरुपयोग की संभावना समाप्त होगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि योजना के सफल संचालन के लिए 25 फर्मों और कंपनियों को पंजीकृत किया गया है, जिनके माध्यम से किसान अपनी सुविधा अनुसार पॉलीहाउस निर्माण करा सकते हैं। साथ ही, डिजिटल वॉलेट के जरिए अनुदान सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगा, जिससे प्रक्रिया तेज और भरोसेमंद बनेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि और उद्यान विभाग की सभी योजनाओं में डिजिटल भुगतान प्रणाली को प्राथमिकता दी जाए, ताकि समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, ब्लॉक स्तर तक किसानों के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया, जिससे अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम में कृषि विभाग और विभिन्न संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। यह पहल राज्य में डिजिटल कृषि के नए युग की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जो न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।

इस अवसर पर सचिव कृषि डा0 एसएन पांडेय, निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, आईटीडीए के निदेशक आलोक कुमार पाण्डेय, आरबीआई से अरविन्द कुमार, यूनियन बैंक के अर्चना शुक्ला, प्रांजल वाजपेयी, नाबार्ड के डीजीएम अभिनव कापड़ी, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डा0 रतन कुमार, महेन्द्र पाल, नरेन्द्र यादव, कैप निदेशक नृपेन्द्र चौहान सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण एवं किसान उपस्थित रहे।

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