Home Uttarakhand Dehradun श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना मूल उद्देश्य

श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना मूल उद्देश्य

Congress labor cell
श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना मूल उद्देश्य Congress labor cell

देहरादून। मजदूर दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस श्रमिक प्रकोष्ठ ( Congress labor cell ) के तत्वावधान में मजदूर सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश चौहान ने की। कार्यक्रम में बडी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन श्रमिक प्रकोष्ट के उपाध्यक्ष दिनेश सिंह कौशल ने किया। सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रदेष अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मजदूर दिवस की शुरूआत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मजदूर दिवस के पीछे का मूल उद्देश्य हर श्रमिक के अधिकारों की रक्षा करना है, क्येांकि किसी भी देश, समाज, संस्था या राष्ट्र विकास निर्माण में मजदूरों का अहम योगदान होता है तथा मजदूर के बिना देश के विकास की बात सोची भी नहीं जा सकती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में नजर डाली जाये तो सबसे ज्यादा मजदूर एवं गरीबों के हित में नीतियां बनाने का काम कांग्रेस पार्टी की सरकारों ने किया हैं। मनरेगा जैसी बहुउददेशीय रोजगार परक योजना को शुरू करके हिन्दुस्तान के लाखो लाख गरीब मजदूर भाईयों को रोजगार देने का काम किया है। कांग्रेस शासन में इन्दिरा आवास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया तथा राजीव गांधी आवास के अन्तर्गत शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों के लिये भी आवास की व्यवस्था करने का काम किया।

कांग्रेस पार्टी के केन्द्र में सदैव गरीब मजदूर वर्ग रहा

कांग्रेस पार्टी के केन्द्र में सदैव गरीब मजदूर वर्ग रहा है। इस वर्ग की उन्नति के लिए कांग्रेस पार्टी सदैव तत्पर रही है। कांग्रेस शासन में गरीब, मजदूर वर्ग के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारम्भ किया गया था।





राज्य की निवर्तमान कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में मजदूर वर्ग के लिए अनेक कल्याणकारी योजनायें बनाई जिनमें श्रमिकों को निःशुल्क किट वितरण येाजना, श्रमिक सुरक्षा योजना, श्रमिक कल्याण योजना, शिल्पकार पेंशन योजना, शिल्प उद्योग पुनर्जीवीकरण एवं विकास येाजना, इन्दिरा प्रियदर्शनी कामकाजी महिला छात्रावास योजना, इन्दिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना, मलिन बस्तियों के नियमितीकरण की शुरूआत, श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान आदि मुख्य हैं। जबकि केन्द्र की मोदी सरकार ने उत्तराखण्ड के साथ लगातार सौतेला व्यवहार करते हुये उत्तराखण्ड की अनेक योजनाओं में धन की कटौती करके राज्य के हितों पर कुठाराघात करने का काम किया है।

सम्मेलन में पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, एस.पी. सिंह, प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी, प्रदेश सचिव राजेश पाण्डे, पूर्व राज्यमंत्री विशाल डोभाल, श्रमिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष दिनेश सिंह कौशल, गिरीश पुनेड़ा, भरत शर्मा, दीप बोरा, धर्मसिह पंवार, कुंवर सिंह यादव, एडवोकेट विनोद कुमार, आनन्द जगूड़ी, पूनम कण्डारी, कान्ति प्रसाद भट्ट, मोहन काला, अनुराधा तिवारी, पुश्पा देवी, सुधीर सुनेहरा, राकेश राणा, शिवम, होरी लाल, जाकिर खान, गीताराम जायसवाल, नेम चन्द, सोमवती, रामू राजौरिया, हरेन्द्र सिंह बेदी, सुनील थापा, सुमित अग्रवाल, अनीता शर्मा, हिना, डिंपल कौशिक, सावित्री थापा, राहुल कैन्तूरा, रघु गुरूंग, मालती देवी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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