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सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में सड़को पर उतरी कांग्रेस

struggle to protect government assets and resources will continue

देहरादून। struggle to protect government assets and resources will continue प्रदेश की सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने के फैसले के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेशभर में ‘धामी हटाओ-भूमि बचाओ’ अभियान के तहत प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने पटवाडांगर की जमीन और ज्योलीकोट निरीक्षण भवन को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

वहीं, नैनीताल में पटवाडांगर की 13.64 एकड़ भूमि और ज्योलीकोट निरीक्षण भवन पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व गुरदीप सिंह सप्पल, अल्मोड़ा में निरीक्षण भवन अल्मोड़ा और कटारमल में विधायक मनोज तिवारी व पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने मोर्चा संभाला। रानीखेत में चौबटिया उद्यान पार्क और निरीक्षण भवन पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, हल्द्वानी में एचएमटी रानीबाग की 53 एकड़ भूमि के लिए विधायक तिलकराज बेहड़ व सुमित हृदयेश ने प्रदर्शन किया।

भीमताल में रामगढ़ की 15 एकड़ भूमि और अन्य निर्धारित स्थलों पर उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी व विधायक आदेश चौहान ने विरोध किया। ऋषिकेश में आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि के लिए डॉ. हरक सिंह रावत, विकासनगर में डाकपत्थर की 180 एकड़ भूमि के लिए प्रीतम सिंह, टिहरी में धनोल्टी की 247 एकड़ भूमि के लिए विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला, हरिद्वार में अलकनंदा होटल के पास हुए प्रदर्शन की  कमान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत और विधायक रवि बहादुर के हाथों में रही। रानीपुर के सलेमपुर महदूद की 21 एकड़ भूमि के लिए विधायक फुरकान अहमद और वीरेंद्र जाति ने हल्ला बोला।

मसूरी में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि निजी हाथों में सौंपने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। राज्य गठन के समय जनता ने जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय लोगों के अधिकार सुरक्षित रहने की अपेक्षा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी भूमि को निजी हाथों में सौंपकर प्रदेश के हितों से जुड़े सवाल खड़े कर रही है।

उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट उत्तराखंड की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए कि इस भूमि को किस प्रक्रिया और किन शर्तों के तहत निजी हाथों में सौंपा गया है। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। पार्टी की मांग है कि निजी हाथों में सौंपी गई जमीनों को वापस लिया जाए और उनसे संबंधित सभी निर्णयों की प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए।

प्रदर्शन में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, राजेंद्र सिंह भंडारी, राजेंद्र शाह, अश्विनी बहुगुणा, उपेंद्र थापली, जिला अध्यक्ष अमित गुप्ता, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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