लक्ष्मण झूला को संरक्षित करने के लिए यथासंभव प्रयास किये जायेंगेः सीएम

Attempts to preserve Lakshman Jhoola
सीएम से भेंट करते ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ।

Attempts to preserve Lakshman Jhoola

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लक्ष्मण झूला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर है। पिछले 90 सालों से यह देश व दुनिया के पर्यटकों व श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण झूला को संरक्षित करने के लिए यथासंभव प्रयास ( Attempts to preserve Lakshman Jhoola ) किये जायेंगे।

इस पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर आवाजाही दुबारा शुरू होने की स्थिति के सम्बन्ध में विशेषज्ञों से और सुझाव लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी हेरिटेज प्रोपर्टी है। इसे ठीक करने के सभी विषयों पर कार्य किया जायेगा।

विशेषज्ञों की राय के बाद इसकी रेट्रोफिटिंग पर ध्यान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भ में इसके एक स्क्वायर मीटर में 200 किलो भार क्षमता आंकी गई थी। वर्तमान में इसका पिलर झुक रहा है, आज आधुनिक तकनीक के दौर में इसे कैसे ठीक किया जा सकता है यह देखा जायेगा।

मुख्यमंत्री का कहना है कि इस पुल से जन भावानायें जुड़ी हैं, इसका भी हमें ध्यान रखना होगा।मंगलवार को ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भेंट की, उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके संस्थान के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा लक्ष्मण झूला का जीर्णोद्धार किया जा सकता है।

अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करके पुल को बचाया जा सकता है

ग्राफिक ऐरा के प्रो. पार्थो सेन ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करके इस पुल को बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुल के लिए तकनीकी अध्ययन आई.आई.टी के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है उनकी सलाह के मद्देनजर ही जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें आवाजाही बन्द की गई है।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी यदि इसके संरक्षण में कोई तकनीकी जानकारी प्राप्त हो सकती है तो इस दिशा में भी पहल की जा सकती है। उन्होंने ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सभी तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाने को कहा।

उन्होंने कहा कि आईआईटी की रिपोर्ट के हर पहलू का गहनता से अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी लापरवाही नहीं बरती जायेगी जरूरत पड़ने पर लक्ष्मण झूला को बचाने के लिए अन्य विशेषज्ञों की राय भी ली जायेगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय से डा. सुभाष गुप्ता, डा. अंकुश मित्तल, डा. संजीव कुमार, डा. पवन कुमार इमानी, डा. प्रदीप जोशी, श्रीपर्णा शाह व अर्चना रावत उपस्थित थे।

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