Home Uttarakhand Dehradun उत्तराखंड परीक्षा परिणाम 10वीं में 85.17 व 12वीं में 80.98 फीसदी रहा...

उत्तराखंड परीक्षा परिणाम 10वीं में 85.17 व 12वीं में 80.98 फीसदी रहा परीक्षाफल

85.17 percent in 10th and 80.98 percent in 12th
उत्तराखंड बोर्ड का परीक्षा परिणाम घोषित करते शिक्षा मंत्री।

85.17 percent in 10th and 80.98 percent in 12th

Said, next year the exam result will be declared on April 30

देहरादून85.17 percent in 10th and 80.98 percent in 12th। सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत की मौजूदगी में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिषदीय परीक्षा-2023 के तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 85.17 प्रतिशत जबकि इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम 80.98 प्रतिशत रहा।

विभागीय मंत्री डा. रावत ने बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुये उन्हें बेहतर भविष्य के लिये शुभकामनाएं दी। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के सफल आयोजन और समय पर परीक्षाफल जारी करने के लिये विभागीय अधिकारियों एवं शिक्षकों की पीठ थपथपाई, साथ ही उन्होंने अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल को घोषित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, देहरादून में विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की परिषदीय परिक्षाओं का परीक्षाफल जारी किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 10वीं व 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं का परीक्षाफल बेहतर रहा है। हाईस्कूल में जहां कुल परीक्षाफल 85.17 फीसदी रहा वहीं इंटरमीडिए में 80.98 फीसदी रहा।

उन्होंने बताया कि हाईस्कूल में बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.48 व बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.94 है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट में बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 78.48 तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 83.49 रहा है।

बोर्ड परीक्षाओं में बालिकाओं के बेहतर प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुये डा. रावत ने कहा कि लड़कियां अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है जोकि महिला सशक्तिकरण की दिशा में शुभ संकेत हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि हाईस्कूल में इस वर्ष 1 लाख 27 हजार 844 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी जिनमें एक लाख 8 हजार 890 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुये।

जिसमें संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 85.58 जबकि व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 56.16 रहा है। ऐसे ही इंटरमीडिएट की परीक्षा में 1 लाख 23 हजार 945 परीक्षार्थी सम्मिलित हुये जिनमें से एक लाख 380 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुये। इसमें संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.46 तथा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 64.28 रहा।

डा. रावत ने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण व प्रदेश की संयुक्त श्रेष्ठता सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले छात्र-छात्राओं को दोबारा कड़ी मेहनत कर अच्छे अंकों से पास होने लिये प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि जो छात्र-छात्राएं एक या दो विषय में फेल हुये हैं, उन्हें शीघ्र ही अंक सुधार परीक्षा देने का मौका दिया जायेगा। विभागीय मंत्री डा. रावत ने बोर्ड परीक्षा के सुचारू संचालन एवं परीक्षाफल निर्माण में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।

इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि कोविड महामारी से उपजी विषम परिस्थितियों के बाद भी बोर्ड परीक्षा में बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इसके लिये सभी परीक्षार्थीयों व उनके अभिभावक एवं शिक्षक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा कार्यों में संलग्न सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस दौरान अपर निदेशक माध्यमिक महावीर सिंह बिष्ट, अपर परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा डा. मुकुल सती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे जबकि सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर डा0 नीता तिवारी एवं अन्य अधिकारियों ने रामनगर से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि अगले वर्ष बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 30 अप्रैल को घोषित किया जायेगा। इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अभी से तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिये।

उन्होंने विद्यालयी शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों को मूल्यांकन की अवधि कम करने व परीक्षा संबंधी कार्यों में अधिक कार्मियों की ड्यूटी लगाने को कहा, साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को एक माह के भीतर परीक्षा आयोजन को लेकर कैलेंडर तैयार कर अनुमोदन लेने को कहा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि 10वीं व 12वीं कक्षाओं के बोर्ड रिजल्ट समय पर जारी किये जाये, ताकि छात्र-छात्राओं को देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में एडमिशन लेने में परेशानी न हो।