जादू टोने के नाम पर 65 तोला सोना ठगी करने वाले पाखंडी बाबा गिरफ्तार

Fraudulent 'Baba' arrested for swindling 65 tolas of gold

सेलाकुई। Fraudulent ‘Baba’ arrested for swindling 65 tolas of gold घर में जादू टोना, तंत्र मंत्र होने व उसके चलते परिजनों का अनिष्ट होने का भय दिखाकर महिला को पूजा पाठ के नाम पर एक लाल कपडे में घरवालों के 65 तोला सोना एक संदूक में बंद कर 62 दिन बाद खोलने के बहाने 65 तोला सोना चोरी करने वाले एक पाखंडी महंत को सेलाकुई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ढोंगी महंत छोटे समय मे ही ज़्यादा पैसा कमाने के लालच में था,उसके लिए वह लोगो के घरों में काला टोटके का सामान फेंक उसके उपाय के नाम पर पैसे वसूलता था।

अभियुक्त ने जिस महिला से ठगी की वह उसकी दूर की रिश्तेदार भी थी। बीती 31 मई को ओशीन गुंरग पत्नी अनीश गुरुंग निवासी- शहीद किशन थापा मार्ग सेलाकुई देहरादून द्वारा थाना सेलाकुई में शिकायती दी थी कि करीब ढाई महीने पहले महंत राहुल थापा(34)पुत्र गिरीश थापा निवासी तेलपुरा अटक फॉर्म सेलाकुई देहरादून द्वारा वादिनी को फ़ोन कर उनके घर मे एक बुरी शक्ति की नज़र व तंत्र-मंत्र किये जाने का डर दिखाया गया, जिस रात को उनके घर के गेट के पास उन्हें कुछ काला पोटली दिखाई दी, जिसे खोलने पर उसमे उनको चावल, उरद की दाल आदि सामग्री मिली,जिसपर उन्हें अपने घर मे टोटके की महंत राहुल थापा की बात सच लगी।

अगले दिन बाबा उनके घर आया तो उन्होंने वादिनी को परिजनों के साथ कुछ अनिष्ट होने का विश्वास दिलाते हुए उसे दूर करने के लिये उनके घर पर अनुष्ठान करने की बात कही। वादिनी के तैयार हो जाने पर उनके द्वारा घर के सभी गहने एक लाल कपड़े में रख ऊपर कमरे में स्थित मंदिर मे एक बक्से में रखने को कहा। किन्तु महिला द्वारा उसे हाल ही में खोला गया तो उसमे से उनके सभी गहने लाल पोटली से गायब मिले व उसके स्थान पर चावल व रोली मिली।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने महंत राहुल थापा के विरुद्ध पूजा पाठ व अनुष्ठान के नाम पर धोखाधडी से 65 तोला सोना गायब करने की शिकायत दर्ज करवाई। मामले में सेलाकुई पुलिस द्वारा प्रथमदृष्ट्या तथ्यों की पुष्टि होने पर 9 जून को धारा-305 (ए)/318(4) बी0एन0एस0 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

तंत्र मंत्र के नाम पर 15 तोला सोना की धोखाधड़ी के मामले में सेलाकुई पुलिस ने 2 अलग-अलग टीम गठित की। गठित पुलिस टीम द्वारा सभी सबूतों के आधार पर नामजद अभियुक्त राहुल थापा को पूछताछ हेतु हिरासत में लिया गया। जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर राहुल थापा द्वारा वादिनी से धोखाधडी कर उक्त आभूषणों को गायब करने की बात स्वीकार की गई। पुलिस द्वारा अभियुक्त को मौके से ही गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर वादिनी से धोखाधडी से प्राप्त किये गये आभूषणों को गलाकर बनाये गये 150 ग्राम के बिस्कुटनुमा बार व आभूषणों को बेचकर प्राप्त किये गये 5 लाख रूपये की नगदी बरामद की गई।

पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि अभियुक्त तलपरा में अपने परिवार संग रहता है व 2013 से ही पण्डिताई का काम कर रहा है। वह लोगो का भविष्य देखने व माता की चौकी लगाने का काम करता है। कई बार उसके द्वारा बताई गई बातें सच होने पर लोगो द्वारा उसे पैसे दिए जाते थे जिससे ही उसका खर्चा चलता था। उन्होंने बताया कि अभियुक्त द्वारा ज़्यादा पैसे कमाने के लालच में एक योजना बनाई जिसके तहत वह अपने अमीर शिष्यों के घर जाकर रात्रि में चुपचाप से घर के बाहर एक पोटली में जादू-टोने का सामान फेंक देता तथा अगले दिन उन्हें फोन कर रात्रि में सपना आने की बात कहते हुए उनके घर पर किसी व्यक्ति द्वारा जादू टोना करने का विश्वास दिलाते हुए पूजा अनुष्ठान के नाम पर मोटी धनराशि वसूलता था।

वादिनी ओशीन गुरुंग को वह लंबे समय से जानता था व वह उसकी दूर की रिश्तेदार है। उसे जानकारी थी कि वह अपने परिवार की इकलौती बेटी है व उसके पास काफी कीमती आभूषण हैं। जिन्हें देखकर उसके मन में लालच आ गया था,जिसके तहत वह योजना के मुताबिक 1 मार्च की रात लगभग 11 बजे अपनी स्कूटी से ओशिन के घर पहुंचा व एक काले कपड़े के अंदर बंधी हुई उड़द की दाल, रोली, लॉन्ग, नींबू का टुकड़ा तथा अन्य सामग्री गेट के अंदर फेंक दी व अगली सुबह उसके द्वारा ओशिन को फोन कर बताया कि उसे आभास हुआ है कि उनके घर में किसी ने बहुत बड़ा टोना टोटका किया हुआ है।

जब वह घर से बाहर निकली तो गेट पर उसे काले कपड़े में बंधा सामान मिला। जिसके बाद ओशिन को भी टोना टोटके पर विश्वास हो गया। अगले दिन वह ओशिन के घर पहुँचा तो अभियुक्त द्वारा उसे घर में अनिष्ट होने का भय दिखाते हुए उसे दूर करने के लिये पूजा अनुष्ठान करने तथा अनुष्ठान के लिये लगने वाली सामग्री नोट करवाई साथ ही अनुष्ठान के लिये एक संदूक भी लाने को कहा।

अनुष्ठान के दौरान अभियुक्त ने उक्त महिला से उसके तथा उसकी माताजी के सारे आभूषण एक पोटली में बांधकर उक्त संदूक में रखने को कहा तथा आभूषणों के साथ तीन नारियल, कुछ चावल व फूल उक्त संदूक में रख दिये तथा उक्त महिला व उसकी माता को कुछ चावल के दाने देकर छत की परिक्रमा के लिये भेज दिया तथा मौका देखकर संदूक में रखे आभूषण बाहर निकालकर संदूक को बंद कर दिया। पूजा समाप्त होने के पश्चात अभियुक्त द्वारा उक्त संदूक को मन्दिर में रखने व 62 दिन बाद स्वंय आकर खोलने की बात कही गई थी। किन्तु 62 बीत जाने के बाद भी उसने उन्हें खोलने से मना किया गया व कुछ समय और बीत जाने के बाद जब उन्होंने वह संदूक खोला तो उसमे ओशिन व उनके परिजनों को चावल, फूल, नारियल मिले थे।

पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र ने बताया कि मामला 3 महीना पुराना होने के चलते पुलिस के सामने अभियुक्त से गहने बरामद करने चुनौती था किंतु पुलिस द्वारा उक्त चुनौती को स्वीकार कर अभियुक्त का पीसीआर लेकर अतिरिक्त प्रयास किये जायेगें। उक्त अभियोग में पुलिस द्वारा घटना से जुडे सभी पहलुओं पर विस्तृत विवेचना की जा रही है।

अभियुक्त राहुल थापा के अपराध करने के तरीके, पूर्व में उसके द्वारा की गई घटनाओं व उसके सहयोगियों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है। भविष्य मे अभियुक्त से जुडे जो भी तथ्य प्रकाश मे आएंगे उन्हें विवेचना मे शामिल किया जायेगा।

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