Home Uttarakhand Dehradun प्रकृति संरक्षण में हरियाली की विशेष भूमिका : भगत सिंह कोश्यारी

प्रकृति संरक्षण में हरियाली की विशेष भूमिका : भगत सिंह कोश्यारी

Special Role of Greenery in Nature Conservation

देहरादून। Special Role of Greenery in Nature Conservation उत्तराखंड राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार के पांच वर्ष की उपलब्धियों तथा लोक पर्व हरेला हरियाली महोत्सव-2026 व एक पेड़ मां के नाम अभियान के उपलक्ष में उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद् की और से संस्कृति विभाग  उत्तराखंड के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री पद्मश्री भगत सिंह कोश्यारी, स्वास्थ्य एवं वनमंत्री सुबोध उनियाल, कार्यक्रम संयोजिका एवं उपाध्यक्ष संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद् मधु भट्ट, राज्यमंत्री अशोक वर्मा पर्यावरणविद पद्मश्री कल्याण सिंह रावत आदि ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर रक्तदाता शिरोमणि अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान करने, समाज सेवा के लिये डीएवी (पी जी) कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. प्रशांत सिंह, शिक्षा के लिये डॉ. बृजमोहन शर्मा, पर्यावरण संरक्षण के लिये मेजर प्रेमलता वर्मा, समाज सेवा के लिये कंचन गुनसोला आदि 15 से अधिक समाज सेवियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करके सम्मानित किया।  

मुख्य अतिथि पद्मश्री भगत सिंह कोश्यारी ने प्रकृति संरक्षण में हरियाली की विशेष भूमिका पर विचार व्यक्त किये। स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वृक्षों को हरा सोना बताते हुए धरती पर इनके महत्त्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजिका व राज्यमंत्री मधु भट्ट ने हरेला पर्व की उत्तराखंड की संस्कृति के सन्दर्भ में व्याख्या की।

समारोह में भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, विक्रम डबराल, अभिषेक शाही, सिविल डिफेन्स के डिप्टी कंट्रोलर एस के साहू, डिप्टी डिवीज़नल वार्डन महेश गुप्ता, वार्डन उमेश जिंदल, वार्डन मीणा शर्मा, रेड क्रॉस की मेजर प्रेम लता वर्मा, भारत विकास परिषद् द्रोण की सचिव कंचन गुनसोला, संगीत शिक्षिकाएं शारदा ध्यानी एवं लक्ष्मी शंकर मिश्रा व ममता रावत आदि मौजूद रहे। 

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