राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर जिला सूचना कार्यालय में गोष्ठी का हुआ आयोजन

Seminar organized on National Press Day
गोष्ठी में शामिल पत्रकार।

Seminar organized on National Press Day

देहरादून। Seminar organized on National Press Day राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आज जिला सूचना कार्यालय में जिला सूचना अधिकारी प्रकाश सिंह भण्डारी की अध्यक्षता में ‘मीडिया से कौन नहीं डरता ?’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजित गोष्ठी में जिला सूचना अधिकारी प्रकाश सिंह भण्डारी ने उपस्थित पत्रकारों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि जीवंत पत्रकारिता करते हुए लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को स्वतंत्र रूप से कार्य करते हुए जनसरोकार के मुद्दे उठाते हुए जनमानस की समस्याओं के निस्तारण करने एवं उनकी आवाज उचित स्तर तक पंहुचाने का कार्य करने पर बल दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार वीडी शर्मा ने अपने विचार रखते हुए ने कहा कि पत्रकारिता से डरना विषय बड़ा अजीब प्रकार का विषय है। उन्होंने मीडिया को पारदर्शिता से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता का विषय गौण हो गया है, सोशल मीडिया का दुरूपयोग अधिक हो रहा है, मीडिया को अप्रमाणिक खबरों एवं लेखों को प्रसारित करने से बचना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार नरेश मिनोचा ने कहा कि पत्रकारिता एक मिशन है, इस पर मिशन के रूप में कार्य करते हुए निर्भिक होकर आगे बढना चाहिए। वर्तमान समय में पत्रकारिता का व्यावसायिकरण हो गया है तथा जनसरोकार के मद्दो से भटक कर अनावश्यक विषयों पर हो रही है, जो कि चिन्ता का विषय है तथा इस पर मंथन करने की आवश्यकता है।

वरिष्ठ पत्रकार सुधीर गोयल ने कहा कि मीडिया से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि मीडिया द्वारा उठाये जा रहे विषयों एवं कमियों पर पर ध्यान देते हुए उसके सुधार हेतु कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फ्रन्टलाईन मीडिया को स्वतंत्र होकर सभी विषयों पर अपनी लेखनी लिखनी चाहिए वास्तविक खबरों को स्थान देते हुए अपना सकरात्मक रोल निभाने पर बल दिया।

सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन करना है

वरिष्ठ पत्रकार विकास गर्ग ने कहा कि डरना-डराना शब्द का मीडिया में कोई स्थान नहीं है वर्तमान में पत्रकारिता विभिन्न भागों विभक्त है जबकि पत्रकारिता एक मिशन है तथा इसे मिशन के रूप में लेते हुए सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन करना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर तथ्यहीन खबरंे चलती हैं, जिस पर प्रेंस कांउसिल ऑफ इण्डिया को संज्ञान लेते हुए इस प्रकार के वेबसाईटों एवं माध्यमों पर कार्यवाही करते हुए प्रमाणिक बातों को ही प्रचारित करना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार इन्द्रदेव रतूड़ी ने कहा कि असली पत्रकारिता वही है जो अपनी लेखनी से जनसरोकार के मुद्दे उठाते हुए समाज में सकरात्मक विचार के साथ ही सुधार करने हेतु प्रेरित करें, किन्तु वर्तमान में विभिन्न माध्यमों से पीत पत्रकारिता हो रही है, जो कि उचित नहीं है ऐसे ही लोग समाज में डर का माहौल बना रहे हैं इस पर सुधार किया जाना आवश्यक है।

इस इवसर पर वरिष्ठ पत्रकार तिलकराज ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है पत्रकारों को नीडर एवं निष्पक्ष होकर अपने दायित्यों को निर्वहन करने की आवश्यकता है तथा डराना एवं डरना जैसे विषयों का कोई स्थान नही है।

वरिष्ठ पत्रकार संजय पाठक ने कहा कि पत्रकारिता का उचित स्तर है तथा सभी को पत्रकारिता का स्तर बनाकर सकरात्मक पत्रकारिता पर ध्यान देना आवश्यक है। गोष्ठी में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार वीडी शर्मा, नरेश मिनोचा, सुधीर गोयल, विकास गर्ग, इन्द्रदेव रतूड़ी, तिलक राज, संजय पाठक एवं राजकमल गोयल सहित मुकेश कुमार, ललित औझा, मनमोहन बधानी ने अपने विचार रखे।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी वीरेन्द्र राणा, कनिष्ठ सहायक इन्द्रेश चन्द्र, कम्प्यूटर आपरेटर प्रियंका व अंकिता, अनुसेवक प्रतिभा लक्ष्मी, चतुर्थ श्रेणीकमी पंकज आर्य सहित अन्य पत्रकारगण उपस्थित रहे।

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