नौ माह बाद भी चिन्हीकरण नहीं, राज्य आंदोलनकारियों में आक्रोश

No identification even after nine months

देहरादून। No identification even after nine months राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर राज्य आंदोलनकारी मंच ने सरकार और शासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। रविवार को शहीद स्मारक पर हुई बैठक में आंदोलनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा को नौ माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कई जिलों में चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

बैठक में मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने राज्य आंदोलनकारी आश्रित प्रकोष्ठ गठित करने की घोषणा की। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी स्व. ओम प्रकाश बहुगुणा के पुत्र पुष्कर बहुगुणा को प्रकोष्ठ का अध्यक्ष, आकाश रावत को महासचिव और विपिन मनोड़ी को कोषाध्यक्ष बनाया गया। बैठक की अध्यक्षता केशव उनियाल ने की, जबकि संचालन पूरण सिंह लिंगवाल ने किया। जगमोहन सिंह नेगी, पुष्पलता सिलमाना और युद्धवीर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना था कि जिला स्तर पर हुई जांच की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं।

प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, द्वारिका बिष्ट और प्रताप रावत ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों और शहीद परिवारों को पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मंच ने चेतावनी दी कि यदि अगले सप्ताह तक चिन्हीकरण, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और रोजगार संबंधी शासनादेश जारी नहीं किए गए तो प्रदेश स्तर पर सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी की जाएगी।

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