Minority Education Authority
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने आवेदन की प्रक्रिया से कराया रूबरू
प्राधिकरण की धारा 14 के तहत पूरे करने होंगे मानक
देहरादून। Minority Education Authority उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को धार्मिक शिक्षा देने के लिये पहले विधालय शिक्षा परिषद रामनगर से मान्यता लेनी होगी, तभी अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण धारा 14 के तहत मान्यता प्रदान करेगा।
शनिवार को देहरादून जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जे एस रावत ने पूर्व में मान्यता प्राप्त मदरसों की पहली बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्हाने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा परिषद को समाप्त करने का निर्णय लेते हुए उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। उन्होने बता कि पहले मान्यता प्राप्त मदरसों को भी फिर से मान्यता लेनी होगी।
बैठक में नए एक्ट को आसान भाषा में समझाया गया और खासतौर पर धारा 14 के तहत मान्यता लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। संस्थानों ने अपनी समस्याओं और प्राधिकरण की जटिलताओं की और ध्यान दिलाया।
प्राधिकरण की धारा 4 के तहत जो मदरसे पहले से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं, वे सत्र 2025-26 तक अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। लेकिन सत्र 2026-27 से धार्मिक शिक्षा चलाने के लिए उन्हें पहले शिक्षा विभाग और फिर प्राधिकरण से दोबारा मान्यता लेनी होगी।
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