धामी मंत्रिमंडल का विस्तार, पांच विधायक बने मंत्री

Expansion of the Dhami Cabinet

मोहम्मद शाह नज़र

देहरादून। Expansion of the Dhami Cabinet चुनावी साल में उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा सियासी दांव खेलते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया। शुक्रवार सुबह लोक भवन में आयोजित सादे समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

सबसे पहले राजपुर रोड (देहरादून) से विधायक खजान दास ने शपथ ली। इसके बाद रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी, हरिद्वार शहर से मदन कौशिक, रुड़की से प्रदीप बत्रा और भीमताल से राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

सरकार ने इस विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है, लेकिन स्पष्ट तौर पर गढ़वाल और हरिद्वार को प्राथमिकता दी गई है। पांच में से चार मंत्री गढ़वाल-हरिद्वार क्षेत्र से बनाए गए हैं, जबकि कुमाऊं मंडल से केवल एक विधायक को ही मंत्रिमंडल में जगह मिली है।

माना जा रहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह विस्तार राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की दिशा में अहम कदम है। नए चेहरों के चयन में विधायकों के पिछले चार वर्षों के कामकाज और जनाधार को आधार बनाया गया है।

साल 2022 में सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत 9 मंत्रियों ने शपथ ली थी। बाद में कुछ पद खाली हो गए थे—2023 में चंदन रामदास के निधन और 2025 में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में कुल पांच पद रिक्त थे। अब इन पदों को भरते हुए मंत्रिमंडल की संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई है।

इस विस्तार के बाद धामी कैबिनेट में गढ़वाल क्षेत्र का प्रभाव और मजबूत हो गया है। गढ़वाल से अब सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा सहित 6 मंत्री हैं, जबकि ऋतु खंडूड़ी भूषण विधानसभा अध्यक्ष हैं।

वहीं कुमाऊं मंडल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्य और अब राम सिंह कैड़ा ही मंत्रिमंडल में शामिल हैं। साफ है कि इस बार गढ़वाल का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर भगत, शिव अरोड़ा, विनोद चमोली और मुन्ना सिंह चौहान जैसे अनुभवी नेताओं को इस बार भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। पार्टी ने इन वरिष्ठ चेहरों के बजाय नए और अपेक्षाकृत युवा नेताओं पर दांव खेला है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश मानी जा रही है।

यह मंत्रिमंडल विस्तार जहां एक ओर राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश है, वहीं क्षेत्रीय असंतुलन को लेकर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। आगामी चुनावों से पहले इसके प्रभाव पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

धामी सरकार ने पेश किया 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट
उत्तराखंड में धामी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही : विजयवर्गीय
धामी सरकार ने लिए सख्त फैसले, 3 साल रहे बेमिसाल