Congress plays a big gamble ahead of elections
- तीन पूर्व विधायको सहित 6 नेताओं को कराया पार्टी में शामिल
- नये मंत्रियों के क्षेत्रों से भाजपा को दिया झटका
- पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, भीमलाल आर्य, गौरव गोयल, लाखन सिंह व अनुज गुप्ता ली सदस्यता
मौहम्मद शाह नज़र
देहरादून। Congress plays a big gamble ahead of elections उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष होने हैं, मगर भाजपा-कांग्रेस ने अपने-अपने तरकश के तीर कमान में लगा कर दागने शुरू कर दिये हैं। भाजपा ने जहां हाईलेवल पॉलिटिकल सेलिब्रेटी (गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह) की रैलियां कराकर, मंत्री मंडल विस्तार करके नाराजगी दूर करने और क्षेत्रीय संतुलन साध कर चुनावी शंखनाद किया है, तो वहीं, कांग्रेस ने शनिवार को भाजपा को बड़ा झटका देते हुए तीन पूर्व विधायकों सहित 6 प्रमुख नेताओं को अपने पाले में करने का जश्न दिल्ली में मनाया कर सियासी उलटफेर कर दिया है।
शनिवार को दिल्ली के एआईसीसी मुख्यालय में पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत, उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उत्तराखंड भाजपा के कई बड़े नेताओं ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा है।
काँग्रेस पार्टी की संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @kharge जी एवं नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी के विचारों से प्रभावित होकर औऱ उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी आदरणीय @Kumari_Seljaजी के मार्गदर्शन में कई नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की pic.twitter.com/QmuioA2ALK
— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) March 28, 2026
भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन करने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, बसपा से पूर्व विधायक नारायण पाल, घनसाली विधानसभा से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल समेत मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, लाखन सिंह नेगी शामिल हैं।
उत्तराखण्ड में भाजपा और कांग्रेस ने अपने अपने ढंग से चुनावी शंखनाद कर दिया है। कांग्रेस ने भाजपा व अन्य दलों के जिन नेताओं को पार्टी में शामिल किया है वह दस-दस साल विधायक रहे है। बसपा से कांग्रेस में आने वाले नारायण पाल सितारगंज सीट से दस वर्ष (2002-2012) तक विधायक रहे हैं।
हालांकि उन्होंने 2022 का चुनाव भी बसपा के टिकट पर ही लड़ा था, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस ने यहां नवतेज पाल को प्रत्याशी बनाया था। उनके कांग्रेस में आने से सितारगंज को भाजपा को बड़ी चुनौती मिलने की संभावना बनेगी। राजकुमार ठुकराल भाजपा के टिकट पर रुद्रपुर से दस साल तक (2012-2022) तक निर्वाचित होते रहे हैं।
2022 में भाजपा ने उन्का टिकट काट कर शिव अरोड़ा को दिया और वह जीत गये। वहीं, भीमलाल आर्य भी टिहरी की घनसाली सीट से (2012-2017) तक भाजपा विधायक रहे है। रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल ने भी कांग्रेस जॉइन की, उन्होंने भाजपा से बगावत करके निर्दलीय मेयर का चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी।
यशपाल की नजदीकी से ठुकराल की राह हुई आसान
मीना शर्मा के कदम पर टिकी सबकी नजरें
देहरादून। रुद्रपुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके राजकुमार ठुकराल पांच साल से सियासी ठौर की तलाश में थे। बीच में महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का खुला समर्थन करने से यह चर्चा तेज हो गई थी कि उनकी वापसी हो सकती है, मगर चुनाव बाद मामला अटक गया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या से नजदीकी ठुकराल के लिये कारगर साबित हुई। ठुकराल की वापसी काफी पहले होने की चर्चा थी, लेकिन पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ की हरी झण्डी नहीं मिलने से मामला अटक गया था। बताया जा रहा है कि ठुकराल ने बेहड़ को भी मना लिया है। वहीं, पूर्व पालिकाध्यक्ष व वर्ष 2022 में कांग्रेस के टिकट पर रुद्रपुर विस सीट से चुनाव लड़ चुकीं मीना शर्मा के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
किसने क्या कहा
जनता आशा भरी नजरो से कांग्रेस की और देख रही है। अभी 6 सदस्य शामिल हुए हैं, 18 नेताओं को शीघ्र ही पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। सभी ने देश बचाने के लिये राहुल गांधी के चट्टान की तरह खड़े रहने से प्रभावित होकर कांग्रेस का दामन थामा है…
गणेश गोदियाल, उत्तराखण्ड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष।
कांग्रेस में शामिल हाने वालों का आभार, यह बदलाव का संकेत है। भाजपा ने प्रदेश को शर्मशार कर दिया है। महिला अपराध, बेरोजगारी, पलायन से जनता बेहाल है। भाजपा अपना कोई भी वादा पुरा नही कर सकी, उन्हे सत्ता में रहने का अधिकारी नही हैं…
यशपाल आर्य, नेताप्रतिपक्ष उत्तराखंड।
तीन पूर्व विधायकों व कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पार्टी की नीतियों, विचारधारा और नेतृत्व में पूर्ण आस्था व्यक्त करते हुए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है, जनता के सहयोग और सभी के संघर्ष से कांग्रेस 2027 में सत्ता में वापसी करेगी…
प्रीतम सिंह, अध्यक्ष चुनाव अभियान समिति उत्तराखण्ड।
कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं ने पूर्व में सदन के अंदर और बाहर हमेशा संघर्ष किया है। प्रमुख नेताओं को दिल्ली में सदस्यता दिलाई जा रही है। जनता कांग्रेस पर भरोसा कर रही है। इनके संघर्ष और सहयोग से पार्टी सत्ता में वापसी करेगी…डॉ. हरक सिंह रावत
पूर्व मंत्री व अध्यक्ष चुनाव प्रबंधन समिति उत्तराखण्ड।
हर व्यक्ति का अपना महत्व होता है, इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी…
तिलक राज बेहड़, विधायक किच्छा।
महिला अपराध में भाजपा नेताओं की संलिप्ता उजागर हो चुकी है, भाजपा के ही लोग नकल माफिया निकले हैं, जनता सब कुछ देख रही है, इन नेताओं के कांग्रेस में आने से पार्टी मजबूत होगी…
करन माहरा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष।
प्रदेश में 1700 सौ स्कूल बंद हो चुके हैं, स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। देहरादून में एक छात्र की मौत एंबुलेंस खराब होने के कारण हो जाती है, ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का हक नही है…
काजी निजामुद्दीन, विधायक।
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