कलियर में हुआ अल-जमीअत कोचिंग सेंटर का शुभारंभ

Al-Jamiat Coaching Center inaugurated in Kaliyar

पिरान कलियर। Al-Jamiat Coaching Center inaugurated in Kaliyar जमीअत उलेमा-ए-हिन्द उत्तराखण्ड ने दायित्व फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल करते हुए शमीम साबरी कॉलोनी स्थित जमीअत कार्यालय में अल-जमीअत कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया। प्रोजेक्ट बुनियाद के तहत यहां कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही लाइब्रेरी और कंप्यूटर सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।

रविवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में जमीअत के जिला अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वाहिद की अध्यक्षता में दायित्व फाउंडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन हाजी मोहम्मद युसूफ, आईटीडीए के वित्त निदेशक डॉ. तंजीम अली (पीसीएस) तथा जमीअत उलेमा-ए-हिन्द उत्तराखण्ड के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने संयुक्त रूप से कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर डॉ. तंजीम अली ने कहा कि वर्तमान समय में दीनी और आधुनिक शिक्षा दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। मजबूत शैक्षिक आधार ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए बुनियादी शिक्षा का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट बुनियाद’ की शुरुआत की गई है।

प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने कहा कि सबसे बेहतर इंसान वही है, जो स्वयं ज्ञान प्राप्त करे और उसे दूसरों तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। दायित्व फाउंडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन हाजी मोहम्मद युसूफ ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य बच्चों की शैक्षिक नींव को मजबूत करना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। शिक्षा के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

जमीअत के प्रवक्ता मोहम्मद शाहनजर ने बताया कि फिलहाल कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कुरआन शरीफ और दीनीयात की निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा विद्यार्थियों को प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहर नवोदय विद्यालय तथा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अनुभवी और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। कक्षाएं प्रतिदिन शाम तीन बजे से संचालित होंगी।

जमीअत ने अभिभावकों से अपने बच्चों का अधिक से अधिक संख्या में निःशुल्क प्रवेश कराने की अपील करते हुए कहा कि दीनी और आधुनिक शिक्षा से जुड़कर ही बच्चे बेहतर नागरिक और जिम्मेदार इंसान बन सकते हैं। कार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष मौलाना मुबश्शिर, मुफ्ती तौफीक इलाही, पूर्व चेयरमैन हाजी शफक्कत अली, मुफ्ती ताजीम, देहरादून जमीअत के कोषाध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार, नसीम अहमद, मौलाना हारून, मीडिया प्रभारी मौलाना अहतशाम निजामी, आस मोहम्मद त्यागी, मोनिस सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दून के बाद सहारनपुर में भी खुला दायित्व करियर अकादमी सेंटर
देश प्यार और मोहब्बत से चलेगा, नफरत से नहीं : मदनी