पीपलकोटी टनल हादसा : बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

Lakhpat Butola raises questions about security arrangements

चमोली। Lakhpat Butola raises questions about security arrangements चमोली जिले में बीते रोज गुरूवार देर शाम को हुए टीएचडीसी की पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में अचानक मलबा और पानी आने से बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे है। वहीं बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने पीपलकोटी क्षेत्र में हुए टनल हादसे को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि टनल के अंदर ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई नहीं थी। हादसे के समय टनल में करीब 22 कर्मचारी कार्य कर रहे थे। विधायक ने कहा कि पिछले साल भी इसी स्थान पर घटना हो चुकी है, इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई। विधायक बुटोला ने कहा कि घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और प्रशासन की पूरी टीम मौके पर पहुंच चुकी है।

उन्होंने हादसे में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और राहत-बचाव कार्य को प्राथमिकता देने की बात कही। हादसे के दौरान टनल के अंदर मौजूद मजदूरों की संख्या को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने की बात सामने आई है। प्रशासन के अनुसार हादसे के समय टनल के अंदर 22 कर्मचारी फंस गए, जबकि प्रशासन ने 9 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 14 लोगों के घायल होने की सूचना है।

वहीं तीन लापता लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। बता दें कि टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टनल की लंबाई करीब 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई. जिसके चलते टनल के अंदर कर्मचारी फंस गए।

राहत एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद है। टनल के भीतर मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी एवं समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही घायलों के उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी लगातार जुटाई जा रही है। बताते चलें कि यह पहली बार नहीं है जब विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना में हादसा हुआ हो, 30 दिसंबर 2025 को भी लोको ट्रॉली टकराने से हादसे में कई लोग घायल हुए थे।

टनल में चल रहे कार्य पर जाने के लिए 81 श्रमिकों को बैठाकर लोको ट्रॉली चली, रास्ते में एक माल वाहक लोको ट्रॉली खड़ी थी। जिसके अचानक ब्रेक फेल हो गए और वह अपनी जगह से खिसक गई थी। इस कारण श्रमिकों को ले जा रही लोको ट्रॉली उससे टकरा गई और घटना घटित हुई थी। इस घटना में 81 श्रमिक घायल हो गए थे, जिन्हें बाहर निकाल कर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

सिलक्यारा टनल हादसा : पीएम मोदी ने सीएम धामी से ली जानकारी
सुरंग के अंदर बड़ा हादसा, मलबे के नीचे दबे दो मजदूर, एक की मौत
सीएम ने सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया