एक रात की बारिश में उजड़ गया आशियाना

A single night rain destroyed the home

देहरादून। A single night rain destroyed the home दून के कारगी में चांचक चौक क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब पांच बजे हुई मूसलाधार बारिश ने एक गरीब परिवार की जिंदगी को संकट में डाल दिया। बारिश के कारण नाले का पुश्ता गिरने से एक मकान और उसमें बनी दो दुकानें अचानक भरभराकर नाले में जा गिरीं। हादसे में मकान में रहने वाली विधवा बुशरा परवीन और उनके तीन छोटे बच्चों के सामने रहने, रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

बताया गया कि मकान में आसिफ की विधवा बुशरा परवीन अपने तीन बच्चों के साथ रह रही थीं। मकान के नाले में गिरने के बाद घरेलू सामान, किताबें और अन्य जरूरी चीजें मलबे में दब गईं। दो दुकानों के गिरने से रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। इनमें एक मोबाइल और दूसरी परचून की दुकान बताई जा रही है।

पीड़ित बुशरा ने बताया कि बारिश के बाद अचानक नाले में पानी बढ़ा और पुश्ता टूटने के बाद मकान नाले में समा गया। परिवार ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बुशरा ने आरोप लगाया कि पिछले साल भारी बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ था, लेकिन जिला प्रशासन की और से किसी भी तरह की कोई आर्थिक मदद नहीं की गई थी।

वहीं, एसडीएम देहरादून अपूर्वा मिश्रा ने कहा कि सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया और हादसे में किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है, साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देय कर दी गई है।

पीड़ित परिवार की मदद के लिए विभिन्न लोगों की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है। भीम आर्मी के योगेंद्र सिंह चौहान ने 21 हजार रुपये और बीर सिंह पंवार ने 21 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस नेता वैभव वालिया की ओर से 51 हजार रुपये की मदद का आश्वासन दिया गया है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मकान निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही स्थानीय विधायक विनोद चमोली की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

स्थानीय निवासी वसीम अहमद ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर एक मकान नाले में समा गया था। उनका आरोप है कि पिछले वर्ष प्रभावित मकान स्वामी को मुआवजे के नाम पर बेहद मामूली राशि मिली थी। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे कटाव और बारिश के बावजूद स्थायी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, जिसके कारण इस बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद जमीअत उलेमा-ए-हिंद की देहरादून शाखा का प्रतिनिधिमंडल भी मौके पर पहुंचा। पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।

घटना के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर नाले की सफाई का काम शुरू किया। वहीं सिंचाई विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। विभाग की ओर से नाले के किनारे जाल वाला पुश्ता लगाने की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रहे कटाव को देखते हुए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।

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