CPI(M) Stages Vigorous Protest in Doon
भू-माफिया-पुलिस गठजोड़ पर उठाए सवाल
देहरादून। CPI(M) Stages Vigorous Protest in Doon भू-माफियाओं और पुलिस की कथित मिलीभगत के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि को कूटरचित बैनामों के जरिए हड़पने और एनएच-72 के मुआवजे में गड़बड़ी के मामलों में कार्रवाई के बजाय आंदोलन से जुड़े नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी ने ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए 14 अप्रैल के बाद जिलाधिकारी से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। सीपीआई(एम) ने प्रशासन से मांग की है कि गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़े सभी संदिग्ध और कूटरचित बैनामों को निरस्त किया जाए तथा मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फर्जी बैनामों से जमीन कब्जाने का आरोप
सीपीआई(एम) नेताओं का आरोप है कि वर्ष 2021 में एनएच-72 के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भू-माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से खसरा संख्या 641 और 637 समेत कई जमीनों पर फर्जी बैनामे कराए। इन जमीनों का संबंध पहले गोल्डन फॉरेस्ट कंपनी से बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे, मामले को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं के खिलाफ ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
मुआवजा हड़पने और काश्तकारों को परेशान करने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भू-माफिया गिरोह ने अवैध दस्तावेजों के आधार पर सरकारी मुआवजा लेने की कोशिश की और असली काश्तकारों को धमकाया जा रहा है। साथ ही जनप्रतिनिधियों और आंदोलनकारियों को झूठे मामलों में फंसाकर दबाव बनाया जा रहा है।
प्रदर्शन को पार्टी के केंद्रीय समिति सदस्य कामरेड राजेंद्र पुरोहित, राज्य सचिव, जिला सचिव शिवप्रसाद देवली, देहरादून सचिव अनंत आकाश समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।
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