युवा वर्ग को तंबाकू से दूर रखने की आवश्यकता : हरीश अरोड़ा

24th Quarterly Review Meeting of UTFC Held at Sai Institutions

देहरादून। 24th Quarterly Review Meeting of UTFC Held at Sai Institutions साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, राजपुर रोड, देहरादून में उत्तराखंड तंबाकू-मुक्त गठबंधन (Uttarakhand Tobacco-Free Coalition – UTFC) की 24वीं त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य उत्तराखंड में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना तथा आगामी महीनों के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून उपस्थित रहे। इसके अलावा सुश्री अर्चना उनियाल, सुश्री ममता थापा, प्रदीप आनंद, अवधेश कुमार, प्रेम तनेजा, UTFC के सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रो. (डॉ.) आरती रौथाण, विभागाध्यक्ष, पब्लिक हेल्थ, साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एवं डिप्टी सेक्रेटरी, UTFC द्वारा स्वागत संबोधन एवं उद्घाटन remarks प्रस्तुत किए गए।

24th Quarterly Review Meeting of UTFC Held at Sai Institutions

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) आरती रौथाण को “SHANE UTFC Award” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान तंबाकू नियंत्रण, जन-जागरूकता एवं तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से चार नए UTFC सदस्यों का परिचय कराया गया। इनमें डॉ. विदुषी, डॉ. आशीष डोभाल, डॉ. श्रुति अग्रवाल एवं डॉ. शीबा फिलिप्स शामिल हैं। नए सदस्यों के जुड़ने से तंबाकू नियंत्रण एवं जन-जागरूकता से संबंधित गतिविधियों को संस्थागत स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन हरिश अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि UTFC के साथ जुड़ना संस्थान के लिए गर्व के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि तंबाकू का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है।

हरीश अरोड़ा ने विशेष रूप से युवा वर्ग को तंबाकू से दूर रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, जागरूकता और जिम्मेदार निर्णय लेने की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बैठक में UTFC के कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के देहरादून में क्रियान्वयन एवं प्रगति तथा उत्तराखंड में तंबाकू नियंत्रण की अब तक की यात्रा, उपलब्धियों और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान तंबाकू के स्वास्थ्य, सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विद्यार्थियों द्वारा इस विषय पर प्रस्तुति दी गई, जिससे युवाओं में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। बैठक में अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए तंबाकू नियंत्रण संबंधी कार्ययोजना एवं प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा तंबाकू नियंत्रण पर रोल प्ले प्रस्तुत किया गया तथा पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने UTFC के साथ जुड़कर तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए स्वस्थ, जिम्मेदार और तंबाकू-मुक्त वातावरण तैयार करना तथा समाज में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम के अंत में नए UTFC सदस्यों का परिचय कराया गया तथा डॉ. सुरेंद्र सिंह गुसाईं, प्राचार्य, फार्मेसी एवं मुख्य शैक्षणिक अधिकारी, साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

“तंबाकू को ना कहें, स्वस्थ जीवन को हाँ कहें—तंबाकू-मुक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना योगदान दें।”
— साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, देहरादून

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