Youth power is the biggest strength of state
देहरादून। Youth power is the biggest strength of state केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉ जेपी नड्डा और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जॉलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में क्रमशः मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न संकायों में डिग्री प्राप्त करने वाले 1001 छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। डिग्री के साथ मानव निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि अमृतकाल के अगले 25 वर्ष विकसित भारत के निर्माण के निर्णायक वर्ष होंगे, जिनमें आज के युवा साक्षी ही नहीं, कर्ताधर्ता भी बनेंगे। प्राप्त शिक्षा का उपयोग मानवता, गरीब और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।
देहरादून में स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षान्त समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आदरणीय श्री @JPNadda जी की गरिमामयी उपस्थिति में मेडिकल छात्रों को डिग्री प्रदान करने के साथ ही मेधावी छात्रों को मेडल से पुरस्कृत किया। pic.twitter.com/NBqdHZDx9Q
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 14, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में केंद्र सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का उल्लेखनीय सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी जी के उत्तराखण्ड के तीसरे दशक” की अवधारणा के अनुरूप प्रदेश में विकास कार्य संपादित किए जा रहे हैं। उन्होंने रिवर्स पलायन, राज्य के जल- जंगल बचाने के लिए किए गए ठोस निर्णयों, दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क-बिजली-इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच, पर्यटन विकास, एसडीजी रैंकिंग, मत्स्य विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों की अपने संबोधन में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें, ताकि उनके कार्यों में करुणा, मानवता और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो।राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, संस्थान के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने भी इस अवसर पर विचार व्यक्त किए ।
दीक्षांत समारोह में मेडिकल, एलाइड हेल्थ, नर्सिंग, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, योग विज्ञान एवं बायो-साइंसेज संकायों के 1001 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। 31 विद्यार्थियों को अकादमिक अवार्ड, 2 छात्रों को स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवार्ड तथा 14 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया।
समारोह के अवसर पर सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय को NAAC से A+ ग्रेड प्राप्त होने के कारण CDOE के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम यूजीसी से एंटाइटल्ड हैं, जिससे विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा मिलेगी।
कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक झलक भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजेंद्र डोभाल, प्रबंधन, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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