Home Uttarakhand Dehradun सड़क सुरक्षा पर परिवहन विभाग का सख्त प्रहार

सड़क सुरक्षा पर परिवहन विभाग का सख्त प्रहार

Transport Department tough crackdown on road safety

रिपोर्ट- इफ़्तिख़ार अंसारी (जर्नलिस्ट)

देहरादून। Transport Department tough crackdown on road safety सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा प्रदेश में सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन आयुक्त, उत्तराखंड रविनाथ रमन, आईएएस के निर्देशों पर संपूर्ण उत्तराखंड में 21 से 23 अगस्त 2026 तक विशेष सड़क सुरक्षा प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया। इसी क्रम में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून संभाग डॉ. अनीता चमोला के निर्देशन में देहरादून संभाग के अंतर्गत प्रवर्तन टीमों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर दिन एवं रात्रि की अलग-अलग शिफ्टों में 24×7 सघन चेकिंग की गई।

विशेष अभियान के दौरान देहरादून संभाग में यातायात एवं परिवहन नियमों के उल्लंघन पर कुल 3177 वाहनों के चालान किए गए तथा गंभीर उल्लंघनों में 198 वाहनों को निरुद्ध/बंद किया गया। अभियान में विशेष रूप से—

  • ओवरस्पीडिंग — 609 मामले
  • ओवरलोडिंग — 269 मामले
  • सड़क/मार्ग किनारे गलत तरीके से वाहन खड़ा करना — 305 मामले
  • वाहन की बॉडी से बाहर माल निकला होना — 120 मामले
  • नशे की हालत में वाहन चलाना — 13 मामले
  • बिना हेलमेट वाहन चलाना — 313 मामले

प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा अभियान के तहत 371 चालकों के लाईसेंस के विरूद्ध कार्यवाही की गयी। अन्य परिवहन एवं यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर निर्धारित पार्किंग स्थल के बजाय मुख्य मार्ग अथवा सड़क के किनारे असुरक्षित ढंग से खड़े भारी, मध्यम एवं अन्य वाहनों पर विशेष ध्यान दिया गया।

रात्रि के समय सड़क किनारे खड़े ऐसे वाहन पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर अथवा सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण पीछे से आने वाले वाहनों के लिए गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ऐसे वाहनों के विरुद्ध अभियान में प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की गई। प्रवर्तन टीमों द्वारा ऐसे मालवाहक वाहनों की भी विशेष रूप से जांच की गई जिनमें सरिया, शटरिंग सामग्री, बल्लियां, पाइप अथवा अन्य सामग्री वाहन की निर्धारित बॉडी से बाहर निकली हुई थी।

इस प्रकार असुरक्षित ढंग से माल परिवहन किए जाने से सड़क पर चल रहे दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों तथा अन्य वाहनों के लिए जान-माल का गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। अभियान के दौरान इस श्रेणी में 112 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। विभाग द्वारा वाहन स्वामियों एवं चालकों को स्पष्ट किया गया कि माल का परिवहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए तथा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जिससे अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा प्रभावित हो

विशेष अभियान में नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। प्रवर्तन टीमों को विशेष रूप से रात्रिकालीन अवधि में सक्रिय रखा गया और विभिन्न मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर जांच की गई। अभियान के दौरान ड्रिंक एंड ड्राइव के 13 मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की गई।

परिवहन आयुक्त रविनाथ रमन ने कहा कि “सड़क सुरक्षा परिवहन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सड़क किनारे असुरक्षित रूप से खड़े वाहन, ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाना तथा वाहन की बॉडी से बाहर निकली सरिया या अन्य सामग्री सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर वजह बन सकती है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि ऐसे जोखिमपूर्ण व्यवहार को रोककर सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को न्यूनतम करना है। प्रदेशभर में प्रवर्तन अधिकारियों को गंभीर एवं जानलेवा उल्लंघनों के विरुद्ध प्रभावी और निरंतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

उन्होंने वाहन चालकों एवं वाहन स्वामियों से भी अपील की कि सड़क सुरक्षा को केवल कानून पालन के रूप में न देखें, बल्कि स्वयं तथा अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन की सुरक्षा से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून संभाग डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि “देहरादून संभाग में अभियान के दौरान प्रवर्तन टीमों को दिन एवं रात्रि की शिफ्टों में तैनात कर 24×7 चेकिंग कराई गई। विशेष फोकस ऐसे उल्लंघनों पर रहा जिनसे सीधे तौर पर गंभीर सड़क दुर्घटना की संभावना बढ़ती है—विशेषकर सड़क किनारे असुरक्षित रूप से खड़े वाहन, वाहन से बाहर निकला सरिया एवं अन्य सामग्री, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव। ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।” उन्होंने कहा कि प्रवर्तन टीमों को राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मार्गों पर नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

परिवहन विभाग ने सभी वाहन चालकों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं, वाहन को केवल निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान पर ही पार्क करें, मालवाहक वाहन में सामग्री को वाहन की बॉडी से असुरक्षित रूप से बाहर न निकलने दें, ओवरलोडिंग से बचें तथा दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से मानक हेलमेट का प्रयोग करें। परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर उल्लंघनों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।