Home Uncategorized गंदगी देख भड़के डीएम, सफाई रखने के दिये निर्देश

गंदगी देख भड़के डीएम, सफाई रखने के दिये निर्देश

औचक निरीक्षण करते डीएम।

अल्मोड़ा । गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज पातालदेवी पम्प हाउस एवं एडम्स पम्प हाउस का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पातालदेवी में पेयजल सम्बन्धी उपकरणों के स्टोर का निरीक्षण किया और वहां पर पाइप, उत्तराचंल टयूब, यूनियन, साॅकिट, वाल्ब, रैंच आदि का निरीक्षण किया और स्टोर पंजिका में अंकन को भी देखा। उन्होंने कहा कि स्टोर पंजिका में अंकन के समय कनिष्ठ अभियन्ता के हस्ताक्षर सहित प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर अवश्य होने चाहिये इसका सही ढ़ग से रख रखाव हो इसका विशेष ध्यान रखना होगा। पातालदेवी परिसर में गन्दगी देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और जहां पर दीवार न होने के कारण बाहरी आराजकतत्वों व जानवारों द्वारा जो गन्दगी फैलायी जा रही है उसके रख-रखाव के लिये जिला योजना में प्रस्ताव रखा जाय ताकि वहां पर गन्दगी न होने पाये।

उन्होंने इस अवसर पर पम्पिंग हाउस से पेयजल वितरण की पंजिका का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कार्मिशयल उद्देश्य एवं विभागीय टैंकरों के माध्यम से पेयजल वितरण का अंकन रजिस्टर में अवश्य हो साथ ही व्यवसायिक उददेश्य से जो पानी वितरित किया जाता है उसकी रसीद का भी अंकन रजिस्टर में अवश्य हो इसका विशेष ध्यान रखा जाय। इन पंम्पिंग हाउस में तैनात कनिष्ठ अभियन्ता समय-समय पर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। पम्पिंग हाउस में जो भी विद्युत सम्बन्धी उपकरण लगे है उसका निरीक्षण विद्युत विभाग के टैक्निकल अभियन्ता से समन्वय स्थापित कर निरीक्षण करा लिया जाय ताकि कि प्रकार कि परेशनी न होने पाये। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत दिनांे कोसी बैराज सहित कोसी पम्प हाउस, मटेला पम्पिंग हाउस का निरीक्षण किया गया उसके बाद इस व्यवस्था में सुधार आया है। कोसी बैराज हेतु रूड़की से एक टैक्निकल टीम वर्तमान मंे आयी है जो वहां पर अनेक व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है ताकि पेयजल वितरण में किसी प्रकार असुविधा न हो।

उन्होंने निरीक्षण के दौरान पम्प आॅपरेटरों, लाइनमैनांे के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा फिल्ट्रेशन प्लांट की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने पंम्पिंग हाउस परिसर एवं स्टोर में पडे निष्प्रोजय सामाग्री की नीलामी करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान को दिये और कहा कि यदि किसी प्रकार की कठिनाई हो तो अवगत करायें। उन्होंने इस अवसर पर शिकायत रजिस्टर का गहनता से निरीक्षण करते हुये कहा कि रजिस्टर में पूर्ण अंकन अनिवार्य रूप से हो तथा जो भी प्रभारी उसका है उसके द्वारा उसका नियमित अवलोकन किया जाय। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जिन उत्तराचंल टयूबों में जंग लग गया है उसमें रंगरोगन करने के भी निर्देश दिये।

उन्होंने इस दौरान जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेयजल की शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाय और कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नम्बरों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय। इस अवसर पर अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान नन्दकिशोर ने अनेक पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने व अन्य विभागीय कठिनाईयों से अवगत कराया। इस दौरान अधिशासी अभियन्ता विद्युत डी0डी0पंगती, तहसीलदार सदर प्रयागदत्त सनवाल, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी, कनिष्ठ अभियन्ता श्रीमती तनुजा सामन्त सहित अन्य जल संस्थान के कर्मचारी उपस्थित थे।