Home Uttarakhand Dehradun गरीब आदमी सड़क दुर्घटना के बाद और गरीब हो जाता

गरीब आदमी सड़क दुर्घटना के बाद और गरीब हो जाता

Road safety week 2018
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत आयोजित जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए डायरेक्टर ट्रैफिक केवल खुराना।
Road safety week 2018

देहरादूनर। Road safety week 2018 हमारा देश विकास कि ओर अग्रसर हो रहा है, लेकिन सड़क दुर्घटनाएं विकास की गति में एक रोडे़ का काम कर रही हैं। हमारे देश में लगभग पाँच लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हो रही है और जिसमें लगभग डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है।

अच्छे इलाज के बावजूद भी लगभग तीन लाख आदमी आंशिक या पूर्ण रूप से विकलांग हो रहे है। यह मौतें एवं विकलांगता न केवल प्रभावित व्यक्तियों को बल्कि पूरे समाज को सामाजिक विकलांगता ही नहीं बल्कि आर्थिक विकलांगता भी दे रही है। जैसा कि हम मानते है कि हमारा देश पहले से ही अपनी मूलभूत आवश्यकताऐं जैसे कि भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुझ रहा हैं।

सड़क दुघटनाओं से होने वाली सामाजिक एवं आर्थिक विकलागंताओं के कारण मूलभूत जरूरतों में और कमी आ रही है और इससे करेले पर नीम चड़े की उक्ति चरितार्थ हो रही है। यह विचार गिनीज एवं लिम्का बुक रिकार्ड होल्डर आॅर्थोपीडिक सर्जन डाॅ. बीकेएस संजय ने इंडियन आॅर्थोपीडिक एसोसेशियन की पहल पर सड़क सुरक्षा सप्ताह 1-7 अगस्त के उपलक्ष में जन जागरूकता अभियान के स्वागत संबोधन के दौरान संजय आॅर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेन्टर जाखन देहरादून में व्यक्त किए।

इस कार्यक्रम का शुभारम्भ केवल खुराना आईपीएस, डी.आई.जी.पी एवं डायरेक्टर ट्रैफिक के द्वारा किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुलिस सर्वे से पता चला है, कि पहाड़ों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में ओवर लोडिंग ओवर स्पीडिंग और चालकों में नींद का अभाव सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारण है।

सवारियों की संख्या को निर्धारित रखना चाहिए

उन्होने जनता से अपील की कि हमें सड़क पर चलते हुए खासतौर पर पहाड़ में वाहन की गति, सवारियों की संख्या को निर्धारित रखना चाहिए। हमारे देश में लाखों विभिन्न प्रकार की लाखों शिक्षण संस्थाऐ तो है लेकिन सैंकड़ों ड्राइविंग स्कूल नहीं। खासतौर से यह जानते हुए कि बिना वाहन चलाये हुए या बिना वाहन पर बैठे हुए ना तो किसी की शिक्षा पूरी हो सकती है ना ही कोई व्यवसाय या व्यापार।

इसमें केन्द्रीय विद्यालय संगठन के उप-आयुक्त सोमित श्रीवास्तव, उत्तराखण्ड़ परिवहन के उप-आयुक्त अरविन्द पांडे, मैक्स अस्पताल के आॅर्थोपीडिक सर्जन डाॅ. हिमांशु कोचर, डाॅ. एसएन सिंह, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुजाता संजय, जगदम्बा प्रसाद डिमरी, समाजसेवी योगेश अग्रवाल, पार्षद दया जोशी, डाॅ0 ललिता प्रसाद एवं सेवा सोसाइटी के सचिव डाॅ. प्रतीक संजय सेन्टर के आॅर्थोपीडिक सेन्टर के डाॅ. गौरव संजय मौजूद रहे।

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