कांग्रेसः कुनबे के साथ बढ़ी नाराजगी

Resentment grows within the Congress

देहरादून। Resentment grows within the Congress दिल्ली में शनिवार को सियासी मंच सजा और एक साथ कई बड़े नामों ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया, भाजपा के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, बसपा के पूर्व विधायक नारायण पाल, भाजपा के ही पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, मसूरी के पूर्व पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष लाखन सिंह ने कांग्रेस का दामन थामकर सियासी हलचल तेज कर दी। वहीं, संजय नेगी को पार्टी में शामिल न किये जाने की खबर बाहर आते ही पार्टी में कुनबे के साथ नाराजगी भी बढ़ गई।

बताया जा रहा है कि रामनगर से रणजीत रावत दावेदारी कर रहे हैं, जिस कारण से संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल नही कराया गया है। कुल मिलाकर, एक तरफ कांग्रेस में नए चेहरों की एंट्री से ताकत बढ़ती दिख रही है, तो दूसरी तरफ अंदरूनी कलह पार्टी के लिए नई मुसीबत बनती जा रही है। सवाल बड़ा है, क्या ये नई एंट्री कांग्रेस को मजबूती देगी या अंदरूनी संघर्ष इसे कमजोर कर देगा?

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खुलकर नाराज नजर आए। वजह थी, संजय नेगी को पार्टी में शामिल न किया जाना। इतना ही नहीं, हरीश रावत ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे 15 दिनों तक राजनीति से दूरी बनाएंगे, न कोई राजनीतिक गतिविधि, न कोई बयान।

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