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अगर एम्स में मरीज को परेशानी से बचना है तो इनसे लगवाएं सिफारिश

AIIMS

नई दिल्ली,। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के लिए किसी ‘माननीय’ की सिफारिश है तो मरीज को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। जी हां ! एम्स में सांसदों व मंत्रियों के सिफारिशी मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत पंजीकरण केंद्र में अलग से विशेष काउंटर शुरू किया गया है। जहां सिफारिशी व खास मरीज आसानी से ओपीडी कार्ड बनवाकर इलाज करा सकेंगे।

जानकारी के मुताबिक एम्स में हर रोज औसतन 10 हजार मरीज आते हैं जिसमें से लगभग सारे एम्स के ओपीडी काउंटर पर आते हैं। यह काउंटर सुबह 11 बजे बंद हो जाता है, जिसके बाद डाॅक्टर की सलाह के बाद आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के बाद मरीज को एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजा जाता है। अब नया काउंटर खुलने के बाद वीआईपी द्वारा रेफर किए गए मरीज ओपीडी खुले होने तक किसी भी समय डाॅक्टर से सलाह ले सकते हैं।

नए सिस्टम के तहत अब तीन विशेष काउंटर भी बनाए गए हैं। ऐसा करने से सांसदों और मंत्रियों की सिफारिश पर आने वाले मरीजों को विशेष सुविधा मिलेगी। पहले सांसदों की सिफारिश से पहुंचने वाले मरीजों का ओपीडी कार्ड मीडिया व प्रोटोकाॅल डिवीजन के माध्यम से बनाया जाता था। हालांकि उसके लिए अलग से कोई काउंटर नहीं था। एम्स कर्मचारियों के लिए रिजर्व काउंटर से सिफारिशी मरीजों के कार्ड बन जाते थे।