Home Uttarakhand Dehradun सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, हल्द्वानी शिफ्ट होगा नैनीताल हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, हल्द्वानी शिफ्ट होगा नैनीताल हाईकोर्ट

Nainital High Court to shift to Haldwani

नई दिल्ली/नैनीताल। Nainital High Court to shift to Haldwani उत्तराखंड की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। देश के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने का रास्ता साफ कर दिया है।

इसके साथ ही देहरादून बार एसोसिएशन की याचिका को खारिज करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि पूर्व में चयनित 26 हेक्टेयर भूमि तत्काल हाईकोर्ट को उपलब्ध कराई जाए तथा छह सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक प्रशासनिक और वैधानिक स्वीकृतियां पूरी की जाएं। यह फैसला हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा दायर विशेष याचिका पर सुनाया गया, जिसमें नैनीताल हाईकोर्ट से संबंधित पूर्व आदेशों और प्रस्तावित व्यवस्थाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप मांगा गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने देहरादून बार एसोसिएशन की उस याचिका को स्वीकार नहीं किया, जिसमें हाईकोर्ट अथवा उसकी स्थायी पीठ को ऋषिकेश या देहरादून क्षेत्र में स्थापित किए जाने की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक अवसंरचना के विकास के लिए पहले से चयनित गौलापार की भूमि पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को निर्देश दिया कि गौलापार में पूर्व में चयनित लगभग 26 हेक्टेयर भूमि तत्काल हाईकोर्ट को हस्तांतरित की जाए। निर्माण कार्य से संबंधित सभी प्रशासनिक, राजस्व और अन्य आवश्यक अनुमतियां छह सप्ताह के भीतर पूरी की जाएं। नई हाईकोर्ट भवन परियोजना में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने दी जाए।

नैनीताल हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने का मुद्दा कई वर्षों से चर्चा में रहा है। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य सरकार के स्तर पर विभिन्न विकल्पों पर विचार किया गया था। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक न्यायिक परिसर और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र को उपयुक्त माना गया था। दूसरी ओर, देहरादून और ऋषिकेश में हाईकोर्ट की स्थायी पीठ अथवा मुख्यालय स्थापित करने की मांग भी लगातार उठती रही, जिसको लेकर विभिन्न बार एसोसिएशनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

मामले की सुनवाई के दौरान 9 मई 2024 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतु बाहरी द्वारा पारित उस आदेश का भी उल्लेख किया गया, जिसमें ऋषिकेश में हाईकोर्ट की पीठ स्थापित करने से जुड़े विषय पर विचार किया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद मुख्य न्यायालय के गौलापार स्थानांतरण की प्रक्रिया को निर्णायक बढ़त मिल गई है।

गौलापार में प्रस्तावित नए हाईकोर्ट परिसर में आधुनिक न्यायालय भवन, न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ताओं के लिए सुविधाएं, पार्किंग, रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटल न्यायिक अवसंरचना और आम नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। इससे भविष्य में बढ़ते न्यायिक कार्यभार को संभालने में भी सुविधा मिलेगी।

  • सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के गौलापार (हल्द्वानी) स्थानांतरण का मार्ग प्रशस्त किया।
  • देहरादून बार एसोसिएशन की याचिका खारिज।
  • राज्य सरकार को 26 हेक्टेयर भूमि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश।
  • छह सप्ताह में सभी आवश्यक स्वीकृतियां पूरी करने के आदेश।
  • आधुनिक न्यायिक परिसर के निर्माण का रास्ता साफ।

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