interests of farmers should be paramount
देहरादून। interests of farmers should be paramount आज कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में प्रतिभाग किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक विकासखंड से एक-एक गांव का चयन कर उसे कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, भूमि की गुणवत्ता और स्थानीय आवश्यकताओं का अध्ययन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किस क्षेत्र में कौन-से फल, सब्जियां अथवा अन्य कृषि उत्पाद अधिक बेहतर ढंग से विकसित किए जा सकते हैं। क्षेत्र विशेष की विशेषताओं के अनुरूप योजनाबद्ध कार्य कर राज्य को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों के साथ कृषि एवं उद्यान क्षेत्र की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड से एक-एक गांव का चयन कर उसे आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
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— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) May 14, 2026
उन्होंने बोर्ड को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर तथा अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में किसानों के लिए बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों तथा उच्च गुणवत्ता वाली पौध, बीज और खाद उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से तिलहनी फसलों जैसे सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बायो गैस संयंत्र और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज की मार्केटिंग में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए। साथ ही डिजिटल माध्यमों से बिक्री के लिए आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को लैब टू लैंड से जोड़ा जाए। बैठक में उत्तराखण्ड मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू, सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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