Election of District Planning Committees
- जिला योजना समितियों से पंचायत-निकाय के प्रतिनिधि बाहर क्यों : गोदियाल
- प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संविधान की स्पष्ट अवहेलना हो रही
देहरादून। Election of District Planning Committees जिला योजना समितियों का चुनाव नही किये जाने को लेकर कांग्रेस मुखर हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य जिला योजना समितियों का गठन ना किये जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने का काम कर रही है।
राज्य में नगर निकायों के चुनाव हुए डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है और पंचायत चुनाव भी नौ महीने पहले सम्पन्न हो चुके हैं, मगर आज तक भी सरकार की और से जिला योजना समितियों का चुनाव नहीं किया गया है। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संविधान की स्पष्ट अवहेलना है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 जेड.डी. के तहत हर राज्य में जिला योजना समितियों का गठन अनिवार्य है, ताकि पंचायतों और नगर निकायों की विकास योजनाओं को समेकित कर जिले का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
सबसे गंभीर बात यह है कि बिना जिला योजना समितियों के विधिवत गठन और चुनाव संपन्न कराए बिना प्रदेश के सभी प्रभारी मंत्रियों की और से जिला योजना की बैठकें आयोजित कर ली गई हैं। यह पूरी प्रक्रिया न केवल नियम विरुद्ध है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है। गोदियाल ने कहा कि सरकार बताये कि क्या कारण है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है?
क्या वजह है कि बिना वैधानिक समिति के ही जिला योजना की बैठकों को अंजाम दिया गया? आज स्थिति यह है कि समिति का गठन ना होने से जिले में विकास योजनाएं न तो समन्वित हैं और न ही स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनी है। इससे न केवल विकास प्रभावित हो रहा है, बल्कि योजनाओं में जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित नही की गई है।
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