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HNB गढ़वाल विवि का आठवां दीक्षांत समारोह : 72 छात्रों को पीएचडी व 83 को स्नातकोत्तर की उपाधि

Eighth Convocation of HNB Garhwal University
ऑनलाइन दीक्षांत समारोह में शामिल अतिथि।

Eighth Convocation of HNB Garhwal University

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल का आठवां दीक्षांत समारोह ( Eighth Convocation of HNB Garhwal University ) मंगलवार को आयोजित किया गया। कोविड-19 आपदा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस वर्ष दीक्षांत समारोह का आयोजन मूलतः ऑनलाइन माध्यम से किया गया, जबकि विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारी सामान्य रूप से भी विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह से आयोजन में सम्मिलित हुए।

समारोह का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया (फेसबुक, यूट्यूब, यूनिवर्सिटी वेबसाइट) के माध्यम से किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक समारोह के मुख्य अतिथि थे तथा समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. योगेन्द्र नारायण ने की।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर डी.पी. सिंह थे। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल के निर्देशन में किया किया गया|

उनके अलावा इसमें विजिटर द्वारा नामित सदस्य, विश्वविद्यालय कार्य परिषद् के सदस्य, विद्या परिषद् के सदस्य, डीन, कुलसचिव एवं क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने समारोह में ऑनलाइन एवं प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया। समारोह में 72 छात्रों को पीएच.डी. तथा 83 छात्रों को स्नातकोत्तर की उपाधि प्रदान की गयी, इनके अलावा 39 विषयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को 59 स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।

1 दिसंबर 1973 को गढ़वाल विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी

आठवां दीक्षांत समारोह 2020 ऑनलाइन शिक्षण एवं प्रतिस्कन्दन विषय पर केंद्रित था जो शिक्षण, अधिगम एवं कौशल विकास.एक हिमालय की भावना के लिए सूत्र वाक्य को अमल में लाने के विश्वविद्यालय के प्रयासों का अवलोकन है।

इस अवसर पर स्वागत सम्बोधन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल ने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, कुलाधिपति, हिमालयी क्षेत्र के सभी कुलपतियों, नीति आयोग के प्रतिनिधि सहित समारोह में शिरकत कर रहे सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।

कुलपति ने अवगत कराया की 1 दिसंबर 1973 को गढ़वाल विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी, और इस वर्ष कोविड-19 वैश्विक महामारी के बावजूद एक शैक्षणिक भावना को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने इसे ऑनलाइन माध्यम के जरिये दीक्षांत समारोह के रूप में मानाने का फैसला लिया।

इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के विशिष्ट अतिथि तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय तथा समारोह में प्रतिभाग करने वाले विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों के सदस्यों, प्रतिभागियों एवं उनके अभिवावकों को इस आयोजन के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा इस दीक्षांत समारोह सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होता है उन्हें इसके पश्चात् अपने अर्जित ज्ञान का प्रयोग अपने समाज की बेहतरी के लिए करना है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री व समरोह के मुख्य अतिथि रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्थापना के 47वें वर्ष में प्रवेश करते हुए इस विश्वविद्यालय ने कठिन चुनौतियों के बीच भी प्रगति की अपनी यात्रा निरंतर जारी रखी है, परिणामस्वरूप 2009 में इसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का धन्यवाद किया

उन्होंने विश्वविद्यालय में नीति आयोग, नई दिल्ली द्वारा भारतीय हिमालयन केन्द्रीय विश्वविद्यालय कंसोर्टियम की स्थापना पर प्रसन्नता जाहिर की कि और आशा व्यक्त की कि कंसोर्टियम पर्वतीय क्षेत्रो में महिला श्रमिको के आर्थिक प्रभावों का संगणन एवं मूल्यांकनय विपणन के विशेष सन्दर्भों में हिमालयी राज्यों की कृषि-पारिस्थितिकीय पर्वतीय क्षेत्रों में किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन का विकासय पर्वतीय क्षेत्रो से पलायन नियंत्रण हेतु रोजगार के अवसरों का सृजन तथा जल संरक्षण एवं संवर्धन की रणनीति के क्षेत्र के अध्ययन में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉक्टर योगेंद्र नारायण ने समारोह में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से भारत सरकार के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि मंत्री डा. निशंक नई शिक्षा नीति के जनक हैं और यह शिक्षा नीति पूरे देश की शिक्षा पद्धति को बदल देने वाली है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का फलक बहुत व्यापक है और यह प्राइमरी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक कई नए एवं महत्वपूर्ण विचारों को समाहित किए हुई है जोकि उच्च कुशल नागरिक और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली है।

इस अवसर पर दीक्षांत समारोह के संयोजक प्रोफेसर आरसी रमोला, ऑनलाइन के संयोजक प्रोफेसर वाईपी रेहमानी, मीडिया समिति के संयोजक प्रोफेसर एम एम सेमवाल, प्रो आर सी भट्ट,डा दीपक राणा, महेश डोभाल, नरेश खंडूरी, राजेन्दर प्रसाद, प्रो आर पी एस नेगी, प्रो इंदु खंडूरी, डॉ प्रीतम सिंह नेगी, डॉ नरेश राणा, ,डॉ नरेश कुमार, प्रो अरूण बहुगुणा श्वेता वर्मा, प्रदीप मल्ल, हीमशीखा गुसाई आदि उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर एन.एस. पंवार ने सभी अतिथियों एवं छात्रों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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