Home Uttarakhand Dehradun उत्तराखण्ड है, निवेश के लिए सबसे बेहतर राज्य : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

उत्तराखण्ड है, निवेश के लिए सबसे बेहतर राज्य : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

Uttarakhand, the best state for investment
कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम त्रिवेंद्र।
Uttarakhand, the best state for investment

देहरादून। Uttarakhand, the best state for investment मुख्यमंत्री त्रिवेन्द ने कहा कि उत्तराखण्ड, राष्ट्रीय राजधानी से रेल, सड़क एवं हवाई मार्ग से सीधे जुड़ा है। इस प्रकार हम दिल्ली के काफी करीब हैं। पौराणिकता भी हमें यहां से जोड़ती है। हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी और नैनीताल के साथ ही चारधाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुण्ड साहिब, नानकमत्ता एवं पिरान कलियर जैसे स्थान, राष्ट्रीय राजधानी से सीधे जुड़े हैं।

उत्तराखण्ड का बेहतर औद्योगिक वातावरण व मानव संसाधन के साथ-साथ राज्यवासियों का शान्त व सहयोगी वातावरण हमें अन्य प्रदेशों से अलग पहचान दिलाता है। राज्य में चारधाम सड़क परियोजना व ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है।यह पहल राज्य को बेहतर संसाधन एवं सहायता उपलब्ध कराने में मददगार है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों से कहा कि हम आप सभी से सुझाव लेने आए हैं। राज्य में कनेक्टिविटी बड़ी तेजी से बढ़ रही है। शीघ्र ही दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र 3.30 घंटे में होने लगेगा। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अगले 4-5 साल में बहुत बड़ा परिवर्तन आने वाला है।

राज्य उद्योगों को सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करवा रहा है। लखवाड़ परियोजना में छः राज्यो ने एमओयू किया है। इससे दिल्ली को भी पेयजल की उपलब्घता में काफी राहत मिलेगी। उत्तराखण्ड को भी 300 मेगावाट बिजली मिलगी। देवभूमि उत्तराखण्ड को पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक रूप से विकसित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाये हैं।

07 व 08 अक्टूबर को उत्तराखण्ड राज्य का पहला निवेशक सम्मेलन 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में गुरूवार को नई दिल्ली में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-इन्वेस्टर्स समिट’ के तहत रोड शो का आयोजन किया गया। 07 व 08 अक्टूबर को देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य का पहला निवेशक सम्मेलन होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से मिलकर उन्हें उत्तराखण्ड में निवेश की सम्भावनाओं व औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता तथा उद्यमशील युवा सोच, का अद्वितीय मिश्रण है।

विनिर्माण और सेवाओं की पहुंच से सतत रोजगार के अवसर सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। जिससे हमारे युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित किये जा सकें। उत्तराखण्ड विकास की ओर तीव्र गति से बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड देश में सबसे तेजी से बढ़ रहे अर्थव्यवस्था वाले राज्यों में शामिल है।

राज्य में ‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस’ पहल के माध्यम से आवेदन प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए राज्य में एकल खिड़की व्यवस्था, व्यवसाय की स्थापना और संचालन के लिए अपेक्षित सभी लाइसेंस और अनुमोदनों के लिए ‘वन स्टाॅप शाॅप’ के रूप में प्रारम्भ की गई है।

मुद्दों का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उद्योगों की शिकायतों और मुद्दों का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसके लिए देहरादून में ‘निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा केन्द्र की स्थापना की गई है। राज्य सरकार ने मजबूत नीतिगत ढ़ांचे को मेगा औद्योगिक और निवेश संवर्द्धन नीति, फिल्म नीति, एमएसएमई नीति, सूचना संचार प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स नीति व स्टार्ट अप के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का नियमित प्रवाह सुनिश्चित किया है।

पर्यटन, आयुष, वैलनेस, फिल्म शूटिंग, आॅर्गेनिक उत्पादों व खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में भी राज्य सरकार का विशेष फोकस है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में होने वाले शिखर सम्मेलन से पूर्व हमने निवेशकों की भावनाओं को समझने के लिए राज्य में मिनी काॅन्क्लेव आयोजित किये ओर विभिन्न राज्यों में जाकर निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये रोड शो का आयोजन किया गया।

राज्य को उच्च आर्थिक विकास की ओर ले जाने में उद्योग एवं व्यवसाय जगत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह हमारा दृढ़ विश्वास है कि निजी क्षेत्र के साथ मजबूत संबंध बनाने व साझेदारी स्थापित करने से ही हम राज्य में आर्थिक प्रगति एवं रोजगार के अवसरों के सृजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री श्री प्रकाश पंत ने कहा कि राज्य 70 प्रतिशत वनाच्छादित होने के बावजूद उद्यमिता के लिए एक बेहतर ऑप्शन है। राज्य को 2003 में प्राप्त औद्योगिक पैकेज से उद्योग जगत में महत्वपूर्ण शुरूआत हुयी। एमएसएमई के क्षेत्र में 1100 प्रोजेक्ट से बढ़कर 49000 हो गया है।

उत्तराखण्ड, उद्योगों के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल राज्य

उत्तराखण्ड में स्थिर राजनैतिक वातावरण है, बेहतर कानून व्यवस्था, अवस्थापना सुविधाएं बेहतर है। उन्होंने इनवेस्टर्स समिट में आमन्त्रित करते हुए कहा कि वे सभी उत्तराखण्ड में एक पर्यटक एक तीर्थयात्री के रूप में आएं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड, उद्योगों के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल राज्य है। यहां सामाजिक सुरक्षा का स्तर अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ही अच्छा है।

राज्य सरकार प्रयास कर रही है कि औद्योगिक घरानों को उत्तराखण्ड में निवेश के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करे। हम निवेश अनुकूल माहौल देने का प्रयास कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की विशेषताओं को बताते हुए कहा उत्तराखण्ड में इसकी बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि हम राज्य को विंटर्स डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करना चाहते हैं। सरकार यहां इस प्रकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना चाहते हैं कि देश विदेश से लोग सर्दियों के मौसम में भी पर्यटक उत्तराखण्ड आएं।कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड से लगभग सभी लोगों का जुड़ाव रहा है। पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन व वन्यजीव के लिए प्रेरित करते रहे हैं।

स्व0 अटल जी ने औद्योगिक पैकेज दिया था। उद्यमियों को उत्तराखण्ड में अन्य राज्यों की अपेक्षा बेहतर मानव संसाधन व बेहतर शान्त व औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हुआ है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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