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10 लाख की घास चार साल भी नहीं चल सकी

Doob grass
10 लाख की घास (Doob grass) चार साल भी नहीं चल सकी

अल्मोड़ा । अल्मोड़ा। प्रमोद डालाकोटी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने के लिए स्थानीय स्टेडियम में चार साल पहले लगाई गई 10 लाख की दूब घास (Doob grass) चार साल भी नहीं टिक सकी। मैदान का समतलीकरण भी ठीक तरह से नहीं हो पाया। इससे खिलाड़ी और खेल विभाग परेशान हैं। दरअसल, हेमवती नंदन बहुंगुणा स्टेडियम में वर्ष 2014 में खेल मैदान में दूब लगाने एवं मैदान के समतलीकरण के लिए 10 लाख का बजट मिला। काम कराने का जिम्मा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग को दिया गया।

दिलचस्प बात ये है कि इस काम में बड़ी लापरवाही की गई। न तो स्टेडियम में दूब लगाई गई और न ही मैदान का समतलीकरण सही से किया गया। जो घास लगाई गई, वह चार साल भी नहीं टिक पाई। खेल विभाग से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने मामले को लेकर अफसरों को बताया। जांच टीम भी गठित की गई। लेकिन गड़बड़ी करने वाले अफसरों को क्लीन चिट दे दी गई। बीते दिनों जिला पंचायत की बैठक में डीएम के सम्मुख पंचायत प्रतिनिधियों ने मामला उठाया। अब नये सिरे में मामले की जांच की जा रही है।

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क्या कहते हैं लोग

खेल विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि स्टेडियम में काम के लिए जो 10 लाख का बजट मिला था। वह काम कुछ दिन भी नहीं चल पाया। दूब घास भी बेहद कम लगाई गई। हालांकि लोगों का तर्क यह भी है कि स्टेडियम में सिर्फ खेल प्रतियोगिताओं का ही आयोजन होना चाहिए। अन्य कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होना चाहिए। मामले में जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश धवन का कहना है कि स्टेडियम में जो निर्माण कार्य किए गए हैं। इसकी गुणवत्ता को लेकर मैंने पहले भी सवाल उठाए थे।

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इसकी जांच भी की गई, लेकिन पूरी जांच दबा दी गई, हमारा काम खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देना है। निर्माण कार्य ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग ने किया। हमने उनसे पूछा है कि कितने बजट में काम कराया गया, क्या-क्या काम इसमें किया गया है। सीएल वर्माजिला खेल अधिकारी अल्मोड़ा हमने जो काम कराया है। उस बारे में खेल विभाग ने जानकारी मांगी थी। वह उनको उपलब्ध करा दी गई है। 10 लाख के बजट में सिर्फ दूब ही नहीं लगाई थी, बल्कि मैदान का समतलीकरण भी किया गया था।

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