Home Uttarakhand Dehradun अदालत में फैसला हो चुका, भाजपा कर रही राजनीतिक साजिश : हरक

अदालत में फैसला हो चुका, भाजपा कर रही राजनीतिक साजिश : हरक

BJP is orchestrating a political conspiracy

देहरादून। BJP is orchestrating a political conspiracy जेनी प्रकरण को लेकर शनिवार को देहरादून में हुई प्रेसवार्ता में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने पूरे प्रकरण को राजनीतिक साजिश करार देते हुए भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर तीखा हमला बोला। हरक सिंह ने आरोप लगाया कि आशा नौटियाल और विजय बर्थवाल के कहने पर उनका नाम इस मामले में उछाला गया था। उस समय जेनी को मकान और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर विधानसभा की समिति के सामने उनका नाम लेने के लिए प्रेरित किया गया।

हरक सिंह रावत ने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच हुई थी और वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का उन्हें फोन आया था। उन्होंने बताया कि अटल जी ने उन्हें जानकारी दी थी कि जेनी प्रकरण में उन्हें राहत मिल गई है। हरक सिंह ने सवाल उठाया कि यदि सीबीआई की जांच पर किसी को आपत्ति थी तो उस समय शिकायत क्यों नहीं की गई? उस वक्त केंद्र में भाजपा की सरकार थी। ऐसे में अब भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

प्रेसवार्ता में हरक सिंह ने आशा नौटियाल और विजय बर्थवाल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि जेनी को मकान और नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद विधानसभा की समिति के सामने उनका नाम लिया गया। उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर को कुछ लोग जेनी को उनके घर लेकर आए थे। इनमें बिना शर्मा, धनीलाल शाह और अनिल गुप्ता के नाम शामिल थे। उनसे कहा गया कि असम की एक लड़की है, इसकी नौकरी लगवा दीजिए। बताया गया कि वह एक विधायक की बेटी है।

उन्होंने दावा किया कि जेनी को पहले बरेली के नारी निकेतन में रखा गया था। सीबीआई की रिपोर्ट में उसके बरेली में होने और गर्भवती होने से संबंधित तथ्यों का उल्लेख है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में वह गर्भवती हुई और मार्च के पहले सप्ताह में बच्चे को जन्म दिया। हरक सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि मामले के तथ्यों को सीबीआई की रिपोर्ट और न्यायालय के रिकॉर्ड से देखा जाना चाहिए।

हरक सिंह रावत ने कहा कि 16 मार्च को विधानसभा में बच्चे के जन्म का मामला उठाया गया था। इसके बाद इस प्रकरण की जांच के लिए पांच विधायकों की समिति बनाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने नैतिक आधार पर स्वयं विधानसभा में इस्तीफा दिया था। उनका कहना है कि वर्ष 2004 में सीबीआई की जांच से उन्हें राहत मिली थी। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि यदि उनके खिलाफ आरोप इतने गंभीर थे तो बाद में भाजपा ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल क्यों किया और मंत्री पद की जिम्मेदारी क्यों सौंपी?

हरक सिंह ने बताया कि उन्होंने जेनी प्रकरण को लेकर विजय बर्थवाल के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में मुकदमा भी दर्ज कराया था। उनके मुताबिक, उस समय भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें बुलाकर विधायकों को माफ करने और मामला वापस लेने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने मुकदमा वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में यह मामला फिर अचानक सामने आया। उस समय जेनी की ओर से माफी मांगने और दिल्ली की अदालत में अंतिम रिपोर्ट लगाए जाने का भी घटनाक्रम हुआ।

जेनी की ओर से दोबारा डीएनए टेस्ट कराने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए हरक सिंह ने कहा कि उनका डीएनए टेस्ट पहले ही हो चुका है। यदि किसी को उस जांच पर संदेह है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत दोबारा जांच करा ली जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महेंद्र भट्ट और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी डीएनए टेस्ट करा लिया जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि डीएनए जांच में कोई हेराफेरी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी उस समय की व्यवस्था की होगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय से अनुमति लेकर जांच कराई जा सकती है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई की जांच में सामने आए तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका सामने आई थी तो उसकी भी पड़ताल होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए हरक सिंह ने कहा कि इस पुराने मामले को दोबारा उठाने के पीछे राजनीतिक उद्देश्य नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को सीबीआई की जांच पर कोई एतराज था तो उस समय, जब केंद्र में भाजपा की सरकार थी, शिकायत क्यों नहीं की गई? उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह अंकिता भंडारी और प्रिया को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रखेंगे और दोषियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।

हरक सिंह रावत ने कहा कि वह इन आरोपों से घबराने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत आरोप लगाए गए और उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया तो वह हाईकोर्ट में संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।

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