उत्तराखंड की धरती पर नफरत और भेदभाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं : शैलजा

Politics of hatred will not be tolerated on soil of Uttarakhand

देहरादून। Politics of hatred will not be tolerated on soil of Uttarakhand कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान, बढ़ते महिला अपराध, पेपर लीक, सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितता, किसानों के उत्पीड़न और जमीनों की नीलामी के मुद्दे पर कांग्रेस ने सोमवार को देहरादून में प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित ‘हल्ला बोल’ मुख्यमंत्री आवास घेराव में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, करन माहरा, डॉ. हरक सिंह रावत समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

परेड ग्राउंड में इकट्ठा होने और पार्टी के बड़े नेताओं के संबोधन के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया, हालांकि, कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबटकला चौकी के समीप बैरिकेटिंग लगाकर रोक दिया, तो कांग्रेसी वहीं, प्रदर्शन करने लगे, जिसके बाद पुलिस ने कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन नेजाकर छोड़ दिया।

इससे पूर्व संबोधन में कुमारी सैलजा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और देश के वरिष्ठ दलित नेता हैं। उनका अपमान लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल रही है और प्रदेश में महिला अपराध चिंता का विषय बने हुए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कांग्रेस ने भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने और कथित भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

किसानों के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। नेताओं ने किसानों की समस्याओं के समाधान, उचित मुआवजे और उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही जमीनों की कथित अनैतिक नीलामी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड की जमीन और प्राकृतिक संसाधन जनता की धरोहर हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन में शामिल होने पर उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को जवाब देगी।

इस मौके पर पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक ममता राकेश, सुमित हृदेश, हरीश धामी, हाजी फुरकान अहमद, मयूख महर, मदन बिष्ट, मनोज तिवारी, वीरेंद्र जाती, रवि बहादुर, विक्रम नेगी, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला, पूर्व विधायक रणजीत रावत, नवप्रभात, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा व मनोज यादव, प्रकाश जोशी, शूरवीर सिंह सजवान,प्रदीप टम्टा, महेंद्र पाल, रामयश सिंह, जोत सिंह गुनसोला, ललित फर्स्वाण, हमेश खर्कवाल, ज्योति रौतेला, विशाल भोजक, हाजी सुलेमान अंसारी, हेमा पुरोहित, विकास नेगी, मदनलाल, सुशील राठी, अभिनव थापर, नरेशानंद, राजवीर सिंह चौधरी, दिनेश कौशल, गौरव कुमार, देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर व उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह आदि मौजूद रहे।

इस दौरान रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा, भुवनेश खर्कवाल, मनोज सैनी, रविंद्र आनंद, रामकुमार वालिया और अधिवक्ता सचिन कुमार ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नई दिल्ली स्थित आवास में एक घंटे का मौन व्रत रखा। हरीश रावत पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य लाभ के लिए नई दिल्ली में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कुछ अनचाहे कारण और अदृश्य शक्तियां बार-बार ऐसी स्थिति पैदा कर दे रही हैं कि मैं उत्तराखंड की ओर प्रस्थान की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा हूं।

उत्तराखंड में अस्पृश्यता व अपमानकारी छुआछूत को संरक्षण दे रही शक्तियों के खिलाफ संघर्ष चल रहा है। इस संघर्ष में अपनी भागीदारी को दर्ज करने के लिए सात सितंबर को अपने दिल्ली स्थित आवास पर एक घंटे का मौन व्रत रखा और भगवान से प्रार्थना करूंगा कि छुआछूत, सामाजिक भेदभाव पैदा करने वाली शक्तियों को पराजित करे।

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