खेल मंत्री रेखा आर्या ने शुरू की कावड़ यात्रा

Sports Minister Rekha Arya flagged off Kanwar Yatra

हरिद्वार। Sports Minister Rekha Arya flagged off Kanwar Yatra उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को हर की पैड़ी से कांवड़ यात्रा की शुरुआत की। उनके साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज समेत कई साधु संत मौजूद रहे। सबसे पहले मंत्री रेखा आर्या ने हरकी पैड़ी पर मां गंगा को नमन किया। विधि विधान के साथ गंगा पूजन किया और जयघोष के साथ हर की पैड़ी से पैदल रवाना हुईं।

कांवड़ यात्रा में कई खेल प्रेमी भी मौजूद रहे। भोले के भक्ति गीतों पर कांवड़ यात्रा सुबह सवेरे हरकी पैड़ी से प्रस्थान कर गई।  यात्रा से पहले खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति के साथ हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा का पूजन अर्चन किया और देश प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज तथा निरंजनी अखाड़े के सचिव रामरतन गिरि से भेंट कर कांवड़ यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।

रेखा आर्या हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर लगभग 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकली हैं। वो ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगी। उनके दो महत्वपूर्ण संकल्प हैं.।वहीं साधु संतों ने मंत्री रेखा आर्या के संकल्प और भगवान शिव के प्रति गहरी भगवान शिव से कामना है कि उनके दोनों संकल्प पूर्ण हों और भारत खेल जगत में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। निश्चित रूप से रेखा आर्या देश की वीरांगना हैं, जो सनातन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहीं हैं।

उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का संदेश भी देगी।  अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि खेलों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है.। बता दें कि रेखा आर्या ने एक साल पहले भी पैदल कांवड़ यात्रा की थी। उन्होंने हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल ही 26 किलोमीटर की दूरी तय करके वीरभद्र में भगवान शिव का जलाभिषेक किया था।

उस साल उन्होंन बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया था। इस बार भी वो पैदल कांवड़ यात्रा कर रही हैं। इस बार उन्होंने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी और भारत को खेल महाशक्ति बनाने के दो संकल्प लिए हैं। इस संकल्प में उनके पति भी साथ हैं और पैदल कांवड़ लेकर यात्रा पर निकले हैं।

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