‘अग्निवीर’ से राष्ट्रीय सुरक्षा व युवाओं का भविष्य खतरे में : कर्नल चौधरी

Youths' future at risk due to ‘Agniveer’

देहरादून। Youths’ future at risk due to ‘Agniveer’ कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग (सैनिक प्रकोष्ठ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी ने गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार की अग्निवीर (अग्निपथ) भर्ती योजना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे देश की सैन्य परंपरा, राष्ट्रीय सुरक्षा और विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे सैनिक बहुल राज्य के युवाओं के भविष्य पर गंभीर आघात बताया।

कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देखते हैं। उनका आरोप था कि चार वर्ष की संविदा आधारित भर्ती व्यवस्था ने युवाओं के स्थायी रोजगार और सुरक्षित भविष्य की उम्मीदों को कमजोर किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि देश की सुरक्षा संविदा आधारित सैनिकों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। सेना को लंबे समय तक प्रशिक्षित, अनुभवी और स्थायी सैनिकों की आवश्यकता होती है। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर अग्निवीर योजना को समाप्त कर पुरानी स्थायी भर्ती प्रणाली को दोबारा लागू किया जाएगा।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने भी योजना की आलोचना करते हुए कहा कि उत्तराखंड का लगभग हर दूसरा परिवार किसी न किसी रूप में भारतीय सेना से जुड़ा है। उनके अनुसार चार वर्ष की सेवा अवधि युवाओं के भविष्य को असुरक्षित बना रही है और राज्य के युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समझौता नहीं करेगी।

पत्रकार वार्ता के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अग्निवीर योजना के विरोध में रैली निकाली। रैली कांग्रेस मुख्यालय से शुरू होकर घंटाघर, लैंसडाउन चौक होते हुए पुनः कांग्रेस कार्यालय पहुंची। इस अवसर पर प्रदेश पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल गड़िया, बलबीर सिंह पंवार, आर.पी. ध्यानी, महेश कुकरेती, कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, अश्वनी बहुगुणा, सूरत सिंह नेगी, अशोक नेगी, शेखर सकलानी, श्रीजीत कृषाली, संजय उपाध्याय, मोहित उनियाल, सोनिया आनंद रावत, सावित्री, प्रशांत खंडूरी, मनीष गोनियाल, यशपाल चौहान, वीरेंद्र पंवार, सूरज छेत्री सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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