यात्रा सीजन में सुरक्षा व्यवस्था देने में सरकार विफल : उक्रांद

Government fails to ensure security during travel season

देहरादून। Government fails to ensure security during travel season उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए यात्रा सीजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उक्रांद के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय महामंत्री एवं तराई मंडल प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और कुछ सिख निहंगों के बीच हुई कहासुनी का हिंसक रूप लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तराखंड की पहचान सदैव ष्अतिथि देवो भवष् की संस्कृति से रही है और उक्रांद किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता। हालांकि, घटना के बाद सामने आए घटनाक्रम सरकार की विफलता को उजागर करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद सरकार पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। सरकार प्रचार-प्रसार में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

राजेंद्र सिंह बिष्ट ने दावा किया कि घटना के बाद कुछ निहंगों ने नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया तथा वहां मौजूद सेवादारों के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से भी इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन अब तक संबंधित लोगों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उक्रांद ने पूरे प्रकरण में शामिल सभी पक्षों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

उक्रांद नेता ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर उत्तराखंड और पहाड़वासियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिनका उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच तनाव पैदा करना प्रतीत होता है। उन्होंने पंजाब सरकार से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य 42 शहादतों के बाद अस्तित्व में आया और राज्य गठन के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला पहले राज्यपाल बने। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण और विकास में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य के कई हिस्सों में सिख समुदाय लंबे समय से निवास कर रहा है और सामाजिक सौहार्द तथा विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

उक्रांद ने कहा कि उत्तराखंड एक संवेदनशील सीमांत राज्य होने के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल भी है। ऐसे में राज्य की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान और कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रेस वार्ता में केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण, राजेश्वरी देवी, रमा चौहान, प्रकाश भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

यूकेडी ने भराड़ीसैंण में किया उग्र प्रदर्शन, कई गिरफ्तार
यूकेडी ने किया पुलिस मुख्यालय का घेराव
राज्य निर्माण आन्दोलनकारी दिवाकर भट्ट का पार्थिव शरीर पंचतत्वों में विलिन