Home Uttarakhand Dehradun ईरान में फंसे अपनों की सलामती की दुआ, परिजन बेहाल

ईरान में फंसे अपनों की सलामती की दुआ, परिजन बेहाल

Prayers for safety of loved ones trapped in Iran

देहरादून। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के बाद पश्चिम एशिया का माहौल तनावपूर्ण है। वहां अध्ययन और रोजगार के लिए गए भारतीयों के परिजन गहरी चिंता में हैं। शनिवार से अपनों से संपर्क न हो पाने के कारण कई परिवारों की रातों की नींद उड़ गई है। संचार सेवाएं प्रभावित होने से फोन और इंटरनेट कॉल दोनों ही ठप पड़े हैं।

करनपुर निवासी समर अब्बास नकवी ने बताया कि उनके दो भतीजे और एक भांजी ईरान के क़ुम शहर स्थित हौज-ए-इलमिया में इस्लामिक स्टडीज में पीएचडी कर रहे हैं। शनिवार से अब तक उनसे कोई बात नहीं हो सकी है। फोन नहीं लग रहा और व्हाट्सएप कॉल भी नहीं हो पा रही।

इमाम-ए-जुमा व जमाअत मौलाना शहंशाह हुसैन जैदी ने बताया कि भारत से हजारों छात्र क़ुम स्थित हौज-ए-इलमिया में मौलवीअत और उच्च धार्मिक शिक्षा के लिए जाते हैं। मौजूदा हालात ने उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

इमाम-ए-जुमा मौलाना शहंशाह हुसैन जैदी ने इजरायल-अमेरिका की और से ईरान पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह पूरी उम्मत के लिए दुख की घड़ी है। उन्होंने बताया कि अंजुमन मोईनुल मोमीनीन ने निर्णय लिया है कि इस बार ईद-उल-फितर का त्योहार नहीं मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में शोक का माहौल है और जालिम के खिलाफ अमन पसंद लोगों को आवाज बुलंद करनी चाहिए।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद शहर में शोक सभाओं का दौर जारी है। तीन दिन का सोग घोषित किए जाने के तहत मस्जिद ईसी रोड और संजय कॉलोनी स्थित इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में मौजूद सोगवारों ने अयातुल्ला खामेनेई के इंतकाल को उम्मत-ए-मुस्लिमा के लिए बड़ी क्षति बताया और उनकी सेवाओं को याद करते हुए खिराज-ए-अकीदत पेश की।