बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में सीसीटीवी की 32 दिन की रिकॉर्डिंग गायब

32 days of CCTV footage missing in Badrinath offering theft case

चमोली। 32 days of CCTV footage missing in Badrinath offering theft case बदरीनाथ धाम के दान-चढ़ावा में कथित हेराफेरी और चोरी के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान की गिरफ्तारी के बाद जांच नए चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ और तलाशी के दौरान एसआईटी को उनके पास से विदेशी मुद्रा, केसर तथा अन्य सामान भी मिला है। जिसकी जांच की जा रही है। बरामद वस्तुओं के संबंध में एसआईटी की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान कथित रूप से कई बार नोटों के बंडल अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। इसी आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इससे पहले इस मामले में प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सूत्रों का दावा है कि एसआईटी को उपलब्ध फुटेज में कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। वहीं जांच एजेंसी अब उन अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाल रही है, जो चढ़ावा गणना कक्ष में तैनात थे। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी सवाल उठे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर समिति ने पहले 45 दिन की रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने की बात कही थी, लेकिन एसआईटी को फिलहाल केवल 13 दिन का फुटेज मिला है। शेष 32 दिन की रिकॉर्डिंग हासिल करने और कथित रूप से गायब डेटा को रिकवर कराने की प्रक्रिया जारी है। यदि पूरी फुटेज उपलब्ध होती है तो मामले में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

बदरीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र चौहान कथित रूप से नोटों के बंडल जेब में रखते दिखाई दिए। जिसके आधार पर उनसे पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की गई। उन्होंने कहा अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जाएगी तथा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण जारी है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोप श्रद्धालुओं द्वारा भगवान बदरीविशाल को अर्पित दान-चढ़ावे से जुड़े हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित हेराफेरी का दायरा कितना बड़ा था? इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही? यदि वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण मिलते हैं तो बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य आर्थिक लेन-देन की भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

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