भारत में इस समय दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

Solar Eclipse

15 फरवरी की रात को 12.25 पर शुरू होगा Solar Eclipse

देहरादून,। भारतीय समय के मुताबिक ग्रहण 15 फरवरी की रात को 12.25 पर शुरू होगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इसके कुछ बुरे प्रभाव सामने आ सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि बिना सुरक्षा उपाय किए सूर्य ग्रहण देखने से आंखों की रोशनी तात्कालिक या स्थाई रूप से भी जा सकती है। साथ ही, यह दिमाग के नर्व्स पर भी बुरा असर डाल सकता है।

 

ज्योतिषाचार्य ओमप्रकाश सती के अनुसार वर्ष 2018 का पहला आंशिक सूर्य ग्रहण 15 फरवरी को दिखाई देगा। ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। लेकिन फिर भी इसके कुछ बुरे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। यह ग्रहण दक्षिणी अमेरिका उरुग्वे और ब्राजील में देखा जाएगा। लेकिन भारत में पड़ने वाले बुरे प्रभाव को लेकर ज्योतिषाचार्यों की अलग-अलग राय है। कुंभ संक्रांति पर सूर्य के मकर राशि से कुंभ राशि में स्थान परिवर्तन के बाद सूर्य ग्रहण है। ऐसी स्थिति में सभी 12 राशियों पर सूर्य के इस गोचर का एवं ग्रहण का असर देखा जाएगा।

सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) का असर आंशिक

सूर्य ग्रहण का असर आंशिक है। भारती समय के अनुसार 15 फरवरी की रात 12.25 मिनट पर शुरू होगा और सुबह 4 बजे इसका मोक्ष काल है। सूर्य ग्रहण के दौरान अपनी राशि के अनुसार दान करना अति उत्तम होता है। जिनका राशि स्वामी सूर्य है खासकर उनके लिए ग्रहणकाल में दान बहुत ही फलदायी एवं विभिन्न दोषों को काटने वाला बताया गया है। ग्रहणकाल में मंदिरों के पट बंद कर देने चाहिए।

मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए, किंतु ग्रहण का असर हानिकारक माना गया है तो भगवान का भजन-कीर्तन किया जा सकता है। इसके बुरे प्रभाव से बचने के लिए आवश्यक है कि इस काल में मोक्ष से पूर्व किसी भी स्थिति में कोई भी शुभ कार्य ना करें। अन्यथा इसका दुष्प्रभाव आपको पीड़ित कर सकता है। बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती स्त्रियों को विशेष रूप से ग्रहणकाल में ध्यान देने की जरूरत है। इन लोगों को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। अन्यथा वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं।

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