सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 से क्या फायदा और क्या नुकसान

IT Act 2000
सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 ( IT Act 2000 ) से क्या फायदा और क्या नुकसान

सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 ( IT Act 2000 ) को अधिनियमित करके यहां सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी को परिभाषित करने की ओर एक ठोस कदम बढ़ाया था। वही इस कानून में कुछ ऐसे प्रश्न छूट गए हैं जो इसके समुचित रुप से लागू होने पर प्रश्नचिंह लगाते हैं।

इस कानून के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अब कानूनी रूप से अवैध होंगे अर्थात कोई भी दस्तावेज जो ईमेल द्वारा भेजा जाएगा, वह न्यायालय की नजर में कानूनी दस्तावेज होगा। सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 प्राइवेसी के बिंदु पर भी चुप है।

इसमें प्राइवेसी के अधिकार के उल्लंघन की संभावना से बचाव का कोई उपाय नहीं किया गया है।  आमतौर पर सूचना प्रौद्योगिकी कि क्षेत्र में किसी कंपनी के लाभ और कर्मचारियों के अपने डिटेल के बीच किसी मर्यादा का पालन करना कठिन हो जाता है । इस समस्या का समाधान इस कानून में नहीं है।




इस बिंदु पर सूचना प्रौद्योगिकी के निदेशकों को खासतौर पर सतर्क रहना आवश्यक हो जाता है ताकि कानून की यह कमी किसी विकृति को उत्पन्न ना कर सके जैसे कि डिजिटल सिग्नेचर का दुरूपयोग ना होने पाए और अधिकृत व्यक्ति ही इसका उपयोग कर पाए।

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