बड़ी ख़बर क्या प्रियंका गांधी ब्लड ग्रुप के कारण भविष्य में बनेंगीं भारत की प्रधानमंत्री

उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी पराजय के बाद एक बार फिर राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर बड़े सवाल उठने शुरु हो गए हैं। कई वरिष्ठ कांग्रेसियों ने एक बार फिर प्रियंका गांधी वडेरा के हाथ में पार्टी की कमान सौंपने की मांग की है। यदि ब्लड ग्रुप की भी बात करें तो पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तुलना में देश का प्रधानमंत्री बनने की संभावना प्रियंका गांधी की ज्यादा ही लगती है।

दादी एंव पिता की तरह ओ नेगेटिव ब्लड ग्रुप है प्रियंका गांधी वडेरा
इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में अब प्रियंका के ब्लड ग्रुप की दलीलें दे रहे हैं। प्रियंका गांधी की दादी एंव पिता क्रमश: श्रीमती इंदिरा गांधी एंव राजीव गांधी का ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव है, जो कि काफी कम लोगों में पाया जाता है। राहुल गांधी का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है। इसी तरह कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का भी ब्लड समूह भी ओ पॉजिटिव है और सभी जानते हैं कि किस तरह 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने लोकसभा के आम चुनावों में जीत हासिल की थी और श्रीमती गांधी ने, पूरी पार्टी की पुरजोर मांग के बाद भी प्रधानमंत्री का पद ठुकरा दिया था। इसी के बाद मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद की जवाबदारी सौंपी गई थी।

कांग्रेस पार्टी गंभीरता से कर सकती है विचार..
प्रियंका गांधी वडेरा का ब्लड समूह भी अपनी दादी और पिता की तरह ओ नेगेटिव है, जिससे कांग्रेस समर्थक मानते हैं कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की संभावना प्रबल है। कांग्रेसी नेता कहते हैं कि 2019 में होने वाले लोकसभा के आम चुनावों में प्रियंका गांधी वडेरा को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पार्टी आगे करने पर गंभीरता से विचार कर सकती है। कांग्रेसी प्रियंका गांधी वडेरा में पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की छवि देखते हैं ।.

मुलायम सिंह यादव के पुरे समूह का ब्लड बी पॉजिटिव है
यहां यह भी बता दें कि समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह का भी ब्लड समूह बी पॉजिटिव है एंव वे कई बार सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि कुछ करीबी नेताओं के विरोध के कारण ही वे प्रधानमंत्री नहीं बन सके। उनके बेटे और उत्तर प्रदेश के हाल तक के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश का ब्लड समूह भी बी-पॉजिटिव है। हालांकि ब्लड ग्रुप प्रधानमंत्री बनने का कोई पैमाना नहीं है, लेकिन फिर भी कांग्रेसी आशांवित हैं।