पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां गंगा में विसर्जित

Ashes of Atal Bihari Vajpayee immersed in Ganga at Haridwar
अटलजी की अस्थियां गंगा में विसर्जित करते हुए।
Ashes of Atal Bihari Vajpayee immersed in Ganga at Haridwar

हरिद्वार/देहरादून। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां रविवार को दोपहर एक बजकर 15 मिनट परविधि-विधान से हरकी पैड़ी के ब्रह्मकुंड में गंगा में विसर्जित की गई ( Ashes of Atal Bihari Vajpayee immersed in Ganga at Haridwar )। अटल जी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य ने उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित की।

अस्थित विसर्जन के मौके पर अटलजी के परिजनों समेत भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे। रविवार को सुबह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को दिल्ली के स्मृति स्थल से तीन कलश में भरा गया। इसके बाद परिजन अस्थी कलश को लेकर हरिद्वार के लिए निकले।

Ashes of Atal Bihari Vajpayee immersed in Ganga at Haridwar
अटलजी की अस्थि विसर्जन के मौके पर सीएम त्रिवेंद्र व अन्य।

सुबह करीब 10.40 मिनट पर वायु सेना का विशेष विमान देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरा। विमान से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बेटी नमिता भट्टाचार्य, दामाद रंजन भट्टाचार्य, बेटी निहारिका, भांजे अनूप मिश्रा व नमिता की बहन नम्रता अटलजी की अस्थियों को लेकर विमान से उतरे।

यहां से सभी लोग दो अलग-अलग हेलीकॉप्टर से हरिद्वार के लिए रवाना हुए। उनका हेलीकाप्टर हरिद्वार के पन्घ्ना लाल भल्घ्ला इंटर कॉलेज में उतरा। यहां से अस्थि कलश यात्रा हरकी पैड़ी के लिए रवाना हुई।

अटलजी की दत्तक पुत्री ने की अस्थियां गंगा में विसर्जित

अस्थि कलश रथ में अटलजी के परिजनों के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, अनिल बलूनी, उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज, अरविंद पाण्डेय, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, कुंवर प्रणब चैंपियन, आदेश चैहान, प्रदीप बत्रा, विनोद चमोली, संजय गुप्ता, स्वामी यतीश्वरानन्द, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानन्द सरस्वती, पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण आदि मौजदू रहे।

अस्थि कलश यात्रा मायापुर से होते हुए हरकी पैड़ी की तरफ बढ़ी। रास्ते भर में दोनों तरफ लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग पुष्प वर्षा करते गए अटलजी को श्रद्धांजलि दे रहे थे। एक वाहन में देशभक्ति गीत की धुन भी बजाई जा रही थी। करीब दोपहर एक बजे अटलजी की अस्थि कलश यात्रा हरकी पैड़ी पहुंची।

यहां अटल जी के पुरोहित अखिलेश शास्त्री ने पूरे विधि विधान से अस्थियों को गंगा में विसर्जित कराया। अटलजी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने अस्थियों को गंगा में प्रभावित किया। अस्थि-विसर्जन से पूर्व भल्ला कालेज मैदान से स्व. अटल जी की अस्थि कलश यात्रा हर की पौडी के लिए रवाना हुई। हजारों की संख्या में लोगों ने स्व. अटल जी को श्रद्धांजलि दी।

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